उत्तरकाशी: डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल 14वें दिन भी जारी, अब उग्र आंदोलन की चेतावनी, कई संगठनों का मिला समर्थन

जन एक्सप्रेस / उत्तरकाशी: अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। लोक निर्माण विभाग (PWD) के डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में एकत्रित हुए इंजीनियरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगे।
“इंजीनियर प्रदेश की रीढ़, फिर भी अनदेखी क्यों?”
धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे नरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार की हठधर्मी के कारण प्रदेश के विकास कार्यों में बाधा आ रही है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की है। वहीं, सभा को संबोधित करते हुए दरबान सरियाल और जनपद अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा:
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कठिन परिस्थितियाँ: इंजीनियर दिन-रात विषम भौगोलिक परिस्थितियों में कार्य करते हैं, लेकिन उन्हें अपने बुनियादी अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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अंतिम चेतावनी: यदि सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो कार्यबहिष्कार को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
कर्मचारी संगठनों का मिला ‘महा-समर्थन’
इंजीनियरों के इस आंदोलन को अब अन्य शक्तिशाली संगठनों ने भी अपना कंधा दे दिया है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया है:
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लोक निर्माण विभाग संयुक्त महासंघ: महामंत्री सुरेंद्र ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं हुआ, तो पूरा संयुक्त महासंघ आंदोलन में कूद पड़ेगा।
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पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन: जनपद अध्यक्ष अजय सिंह रावत और महामंत्री रामगोपाल सिंह पंवार ने कहा कि वे कंधे से कंधा मिलाकर डिप्लोमा इंजीनियर्स के साथ खड़े हैं।
धरना स्थल पर भारी उपस्थिति
आंदोलन के 14वें दिन जयप्रकाश बिजल्वाण, लक्ष्मीकरण गुप्ता, तकवीर सिंह, पंकज अग्रवाल, मनीष भंडारी, संजीत भंडारी, मोहन सिंह चौहान, शिवराज रावत सहित बड़ी संख्या में महिला इंजीनियर—सोनम भट्ट, सारिका स्याल, अस्मिता सेमवाल, दीपिका परमार, उमा राणा और सलोनी आदि मौजूद रहीं।






