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उत्तरकाशी: डीएम प्रशांत आर्य का डुंडा स्थित संप्रेषण गृह और वृद्धाश्रम में औचक निरीक्षण; दिए गरिमापूर्ण जीवन और बेहतर सुविधाओं के निर्देश

जन एक्सप्रेस/ उत्तरकाशी : जनपद में मानवीय मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट किया है कि राजकीय संरक्षण में रह रहे किशोरों और वृद्धजनों को गरिमापूर्ण जीवन, उचित पोषण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसी क्रम में रविवार को जिलाधिकारी ने विकासखंड डुंडा स्थित राजकीय संप्रेषण गृह (किशोर) और वृद्धाश्रम का विस्तृत निरीक्षण किया।

राजकीय संप्रेषण गृह: शिक्षा और कौशल विकास पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संप्रेषण गृह में रह रहे बच्चों की शिक्षा, खेलकूद और कौशल विकास की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  • आधुनिक शिक्षण: बच्चों के मानसिक विकास के लिए आधुनिक शिक्षण सामग्री और नियमित परामर्श (Counseling) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

  • भोजन और स्वच्छता: आवास की सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। डीएम ने वर्तमान व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरतने की चेतावनी दी।

वृद्धाश्रम: बुजुर्गों के स्वास्थ्य की नियमित समीक्षा

वृद्धाश्रम के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बुजुर्गों के पास बैठकर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने आश्रम में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि:

  • नियमित स्वास्थ्य परीक्षण: बुजुर्गों का समय-समय पर मेडिकल चेकअप होता रहे।

  • मौसमी सुविधाएं: ठंड और गर्मी के अनुसार आश्रम में सभी आवश्यक उपकरण और सुविधाएं सुचारू रखी जाएं।

कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में सुधार के निर्देश

जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु बाल संप्रेषण गृह, वृद्धाश्रम और मेगापोर्ट सह भंडार कक्ष के बीच के संपर्क मार्ग को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मुख्य दरवाजे को खुला रखने और आवश्यकतानुसार दरवाजे के चौड़ीकरण के लिए भी कार्ययोजना बनाने को कहा।

प्रशासनिक टीम की मौजूदगी

इस निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी (BDO) दिनेश जोशी, पर्यावरण विशेषज्ञ प्रताप मटूडा सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने दोहराया कि वंचित वर्गों की सेवा ही शासन का असली स्वरूप है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

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