गांधी मार्ग पर स्कूल छुट्टी बना जाम का कारण, बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: राजधानी के अति व्यस्त गांधी मार्ग पर स्थित क्राइस्ट चर्च कॉलेज के बाहर छुट्टी के समय हर रोज़ घंटों लंबा जाम लगना अब आम बात हो गई है। स्कूल की छुट्टी होते ही सैकड़ों वाहन सड़क पर बेतरतीब खड़े हो जाते हैं, जिससे पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है। हैरानी की बात यह है कि न तो नगर निगम आयुक्त इस गंभीर समस्या पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं और न ही जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर इस भीड़भाड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण किसी नन्हे-मुन्ने बच्चे के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन के पास पर्याप्त कैंपस होने के बावजूद अभिभावकों की गाड़ियों को अंदर खड़ा कराने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। न ही स्कूल प्रबंधन बच्चों को सुरक्षित तरीके से भेजने के लिए कोई वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान लागू करता है। परिणामस्वरूप, गांधी मार्ग जैसे व्यस्त इलाके में छोटे बच्चों को तेज़ रफ्तार और अव्यवस्थित वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एडमिशन के समय स्कूल प्रबंधन सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। मोटी फीस वसूलने वाले इस प्रतिष्ठित स्कूल की प्राथमिकता में बच्चों की सुरक्षा कहीं नजर नहीं आती। इलाके के दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि कई बार एंबुलेंस और ज़रूरी सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है? क्या स्कूल सिर्फ फीस वसूलने का केंद्र बनकर रह गए हैं? और बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? गांधी मार्ग पर रोज़ बन रहे इस जाम ने सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़े हादसे में बदल सकती है — जिसकी कीमत मासूम बच्चों को चुकानी पड़ सकती है।






