हमीरपुर में महिला को 15 दिन बाद भी नहीं मिला बिजली कनेक्शन, झटपट कनेक्शन योजना पर उठे सवाल

जन एक्सप्रेस /हमीरपुर: उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक ओर उपभोक्ताओं को बिजली की सुविधा तेजी से उपलब्ध कराने के लिए झटपट बिजली कनेक्शन योजना का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर इसकी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। ताजा मामला हमीरपुर जिले से सामने आया है, जहां एक महिला को आवेदन करने के करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी बिजली का कनेक्शन नहीं मिल सका है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर क्षेत्र के आमनशहीद मोहल्ला निवासी ज्योति देवी पत्नी राजेश कुमार ने अपने घर में बिजली कनेक्शन लेने के लिए 20 जनवरी 2026 को विद्युत विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया था। उन्होंने एक किलोवाट के घरेलू कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। महिला का आवेदन संख्या J-3468458660 बताया जा रहा है।
आवेदन करने के बाद ज्योति देवी को उम्मीद थी कि सरकार की झटपट कनेक्शन योजना के तहत जल्द ही उनके घर में बिजली कनेक्शन मिल जाएगा। लेकिन आवेदन के करीब 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विद्युत वितरण खंड के अधिकारियों ने अभी तक उनके घर बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया है।
पीड़ित महिला का कहना है कि वह कई बार बिजली विभाग के कार्यालय में संपर्क कर चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण उन्हें अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ तभी मिल सकता है जब विभागीय अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं। अगर उपभोक्ताओं को समय पर बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा तो सरकार की योजनाओं का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा।
बिजली विभाग की झटपट कनेक्शन योजना के तहत दावा किया जाता है कि एक किलोवाट से लेकर एक हजार किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन को निर्धारित समय के भीतर उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
हालांकि, हमीरपुर में सामने आया यह मामला बताता है कि कई जगहों पर विभागीय उदासीनता के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गरीब परिवारों के लिए बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का समय पर न मिलना एक बड़ी समस्या बन जाती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में बिजली विभाग के अधिकारी कब तक संज्ञान लेते हैं और पीड़ित महिला को उसका बिजली कनेक्शन कब तक उपलब्ध कराया जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े।






