जौनपुर: पुलिस की लापरवाही से गई युवक की जान? हत्या से पहले युवक ने की थी शिकायत,

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से खाकी की संवेदनहीनता और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। थाना चंदवक क्षेत्र के गोबरा गांव में एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक ने अपनी हत्या से तीन दिन पहले ही पुलिस को लिखित शिकायत देकर अपनी जान का खतरा बताया था, लेकिन पुलिस की कथित सुस्ती ने एक बेगुनाह की जान ले ली।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, गोबरा गांव निवासी सच्चिदानंद मिश्र पुत्र रामचरण की रविवार रात लगभग 10 बजे हत्या कर दी गई। हत्या के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस अगर समय रहते सक्रिय हो जाती, तो सच्चिदानंद आज जिंदा होता।
हत्या के बाद अब सोशल मीडिया पर मृतक का एक वीडियो और पुलिस को दिया गया प्रार्थना पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें सच्चिदानंद स्पष्ट रूप से कुछ लोगों से अपनी जान को खतरा बता रहा था।
परिजनों का गंभीर आरोप: ‘हाथ पर हाथ धरे बैठी रही पुलिस’
मृतक के पिता रामचरण और भाई परमानंद मिश्र ने बताया कि गांव के ही विष्णु मिश्रा और उसके साथियों के साथ रंजिश चल रही थी। सच्चिदानंद ने थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस तीन दिनों तक उसे केवल थाने बुलाकर टालमटोल करती रही।
पिता रामचरण के अनुसार:
“मेरे बेटे को साजिश के तहत फोन करके विष्णु के ‘पाही’ (खेत स्थित ठिकाना) पर बुलाया गया। वहां कई लोगों ने मिलकर उसे बेरहमी से पीटा और उसकी हत्या कर दी। अगर पुलिस ने हमारे बेटे की शिकायत पर कार्रवाई की होती, तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।”
SIT जांच की मांग और भावुक अपील
मृतक के मामा तीर्थराय दुबे ने मीडिया से बातचीत में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने मामले की निष्पक्षता के लिए किसी बड़े अधिकारी की निगरानी में SIT (विशेष जांच दल) गठित करने की मांग की है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पुलिस की सक्रियता एक जीवन बचा सकती थी, लेकिन अब केवल पछतावा और न्याय की गुहार बची है।
पुलिस का पक्ष: प्रेम प्रसंग का शक और गिरफ्तारी
मामले के तूल पकड़ने के बाद एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार:
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मुख्य आरोपी विष्णु और उसके एक साथी को हिरासत में ले लिया गया है।
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पूछताछ में आरोपी विष्णु ने बताया कि उसे शक था कि मृतक के उसकी पत्नी के साथ संबंध थे। इसी शक के आधार पर उसने सिर पर भारी वस्तु से प्रहार कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
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पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उठते सवाल: आखिर जिम्मेदार कौन?
जौनपुर की यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई कड़े सवाल खड़े करती है:
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जब पीड़ित ने तीन दिन पहले शिकायत दी थी, तो पुलिस ने आरोपियों को पूछताछ के लिए क्यों नहीं उठाया?
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क्या पुलिस केवल बड़ी घटनाओं के होने का इंतजार करती है?
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क्या प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई न करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरेगी?
जौनपुर की जनता अब सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री और उच्चाधिकारियों से पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग कर रही है।







