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पेट में स्पंज छूटने से महिला की मौत, पांच डॉक्टरों समेत 10 लोगों पर मुकदमा हुआ दर्ज

जन एक्सप्रेस/गजरौला/पीलीभीत: गजरौला थाना क्षेत्र के मिश्राइन गोटिया गांव निवासी 32 वर्षीय महिला खीलावती की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान पेट में स्पंज छूट जाने और संक्रमण फैलने के चलते हुई मौत के मामले में पांच डॉक्टरों समेत पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह एफआईआर जिलाधिकारी संजय सिंह द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार, खीलावती का 7 से 23 जुलाई 2024 के बीच एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद भी उन्हें पेट में सूजन और मवाद की लगातार शिकायत रही। परिजनों ने कई बार डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

13 नवंबर को खीलावती को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय लाया गया, जहाँ 15 नवंबर को एक छोटा ऑपरेशन किया गया। 16 नवंबर को किए गए सीटी स्कैन में उनके पेट में स्पंज होने की पुष्टि हुई, लेकिन डॉक्टरों ने यह जानकारी परिजनों से छुपा ली और 26 नवंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।

इसके बाद खीलावती को बरेली के दर्पिन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ 1 और 5 दिसंबर को दो सर्जरी हुईं। दुर्भाग्यवश, 5 दिसंबर को इलाज के दौरान खीलावती की मौत हो गई।

इस घटना के समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद डीएम संजय सिंह ने जांच समिति गठित की। जांच में मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जगदंबा शरण, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष मिश्रा, सीनियर रेजिडेंट डॉ. सैफ अली, स्त्री रोग विभाग की पूर्व सीनियर रेजिडेंट डॉ. आशा गंगवार और डॉ. रामबेटी सेंगर को दोषी पाया गया। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।

मृतका के परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सही जानकारी दी जाती और उचित इलाज होता, तो खीलावती की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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