उत्तराखंडनई टिहरी

‎अखोड़ी इंटर कॉलेज से शुरू हुई 42वीं खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा

जिला संवाददाता – जोत सिंह बगियाल
जन एक्सप्रेस / नई टिहरी: पर्वतीय लोकविकास समिति, भिलंगना क्षेत्र विकास समिति एवं इंद्रमणि बड़ोनी साहित्य एवं कला मंच घनसाली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 42वीं ऐतिहासिक पांचवां धाम खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा का शुभारंभ राजकीय अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज अखोड़ी से हुआ। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह महायात्रा विभिन्न पड़ावों से होकर 5 सितंबर तक चलेगी।

इंद्रमणि बड़ोनी को दी श्रद्धांजलि

महायात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी सहित अन्य अतिथियों ने उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और हिमालय से जुड़े सामाजिक सरोकारों को प्रमुखता से सामने रखा गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं तथा क्षेत्रीय दलों के कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।

हिमालय संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी

मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि हिमालय केवल उत्तराखंड की पहचान नहीं है, बल्कि यह देश के जल, पर्यावरण और जैव विविधता का महत्वपूर्ण आधार है। हिमालय के ग्लेशियरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ विषय है।

उन्होंने कहा कि ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों को देखते हुए हिमालय के संरक्षण के लिए जनभागीदारी के साथ ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। जंगलों और जलस्रोतों के संरक्षण के साथ प्लास्टिक और कचरे पर नियंत्रण तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को जनअभियान का रूप देना होगा।

युवाओं को हिमालय के प्रति जागरूक करने पर जोर

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि हिमालय के संरक्षण के साथ स्थानीय परंपराओं और संस्कृति को बचाना भी बेहद जरूरी है। युवा पीढ़ी को हिमालय और पर्यावरण के महत्व के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि आने वाले समय में प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।

उन्होंने खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा के आयोजन को हिमालय, पर्यावरण, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को जन-जन तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोगों में अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की भावना मजबूत होती है।

छात्र-छात्राओं और कलाकारों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

महायात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा क्षेत्रीय दलों से जुड़े कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान महायात्रा से जुड़े विभिन्न आयोजनों का संचालन किया गया। प्रतिभागियों ने हिमालय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में इंद्रमणि बड़ोनी साहित्य एवं कला मंच घनसाली के एडवोकेट लोकेंद्र दत्त जोशी, पर्वतीय लोकविकास समिति के अध्यक्ष प्रो. सूर्य प्रकाश सेमवाल सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

42वीं खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा के माध्यम से हिमालय संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, स्थानीय संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। महायात्रा 5 सितंबर तक विभिन्न पड़ावों से होकर आगे बढ़ेगी।


 

 

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