
जिला संवाददाता -सुल्तान अंसारी
जन एक्सप्रेस / किच्छा: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किच्छा क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे क्लीनिकों के खिलाफ औचक निरीक्षण अभियान चलाया। नैदानिक स्थापन अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई का नेतृत्व नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर गुप्ता ने किया।
पांच क्लीनिकों में नहीं मिला वैध पंजीकरण
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान किच्छा क्षेत्र में संचालित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों की जांच की। इस दौरान गुप्ता डेंटल केयर, गुरुकृपा क्लीनिक, अर्चना क्लीनिक, राहुल क्लीनिक और मित्रा क्लीनिक में वैध पंजीकरण नहीं पाया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित नियमों के तहत वैध पंजीकरण के बिना चिकित्सा सेवाओं का संचालन करना नियमों के विरुद्ध है। निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति के आधार पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
नैदानिक स्थापन अधिनियम के तहत कार्रवाई
नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि निरीक्षण में बिना वैध पंजीकरण संचालित पाए गए पांचों संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवाओं के संचालन के लिए निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण किया जाता है, ताकि नियमों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी ने कहा कि जिले में बिना पंजीकरण अथवा निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के विपरीत संचालित होने वाले क्लीनिकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ऐसे संस्थानों की जांच कर आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
स्वास्थ्य विभाग के अचानक चलाए गए निरीक्षण अभियान से किच्छा क्षेत्र में बिना पंजीकरण अथवा निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित होने वाले चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं को निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित कराना और मरीजों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे। विभाग की ओर से चिकित्सा संस्थानों को निर्धारित नियमों का पालन करने और आवश्यक पंजीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।