उत्तराखंड

भिलंगना में ग्रामोत्थान परियोजना की गतिविधियों का निरीक्षण, उद्यमों की प्रगति परखी

जिला संवाददाता – पंकज भट्ट

जन एक्सप्रेस / घनसाली: ग्राम्य विकास विभाग की परियोजना निदेशक एवं आईएएस प्रशिक्षु ज्योति ने विकासखंड भिलंगना में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के तहत संचालित विभिन्न सामुदायिक उद्यमों, स्वयं सहायता समूहों और सहकारिताओं का भौतिक एवं धरातलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उद्यमों की प्रगति, वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी ली। साथ ही परियोजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा की।

विकासखंड कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक

निरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत विकासखंड कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक से हुई। बैठक में खंड विकास अधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक और ब्लॉक स्तरीय रीप कार्मिकों के साथ ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। परियोजना निदेशक ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति और कार्यों के प्रभाव की जानकारी लेते हुए संबंधित कार्मिकों को बेहतर परिणाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सामुदायिक उद्यमों का किया धरातलीय निरीक्षण

बैठक के बाद परियोजना निदेशक ज्योति ने रीप परियोजना से वित्त पोषित संगम स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित सीबीओ आधारित लेवलिंग एवं प्रिंटिंग यूनिट का निरीक्षण किया। उन्होंने यूनिट के संचालन, गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली।

इसके बाद उज्जवल स्वायत्त सहकारिता के कलेक्शन सेंटर के लिए चयनित भूमि का भी धरातलीय निरीक्षण किया गया। अधिकारियों से प्रस्तावित कलेक्शन सेंटर से संबंधित जानकारी लेते हुए परियोजना निदेशक ने कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

हिलांश गढ़वाल मार्ट और एकीकृत खेती की स्थिति जानी

चमियाला में उज्जवल स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित सामुदायिक आधारित उद्यम हिलांश गढ़वाल मार्ट का निरीक्षण किया गया। परियोजना निदेशक ने मार्ट की भौतिक एवं वित्तीय स्थिति की जानकारी लेते हुए उद्यम के संचालन और भविष्य की संभावनाओं को समझा।

इसके बाद ग्राम पंचायत कोठियाड़ा में सीबीओ आधारित इंटीग्रेटेड फार्मिंग यानी एकीकृत खेती उद्यम का जायजा लिया गया। एकीकृत खेती की स्थिति और संभावनाओं को देखते हुए परियोजना निदेशक ने दूरभाष के माध्यम से जिला उद्यान अधिकारी को क्षेत्र में जल्द पॉलीहाउस स्थापित कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान परियोजना के तहत संचालित गतिविधियों को धरातल पर अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर आजीविका के अवसर मिल सकें और वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।

मॉडर्न नर्सरी और निर्माणाधीन कलेक्शन सेंटर का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान संगम स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित मॉडर्न नर्सरी का भी जायजा लिया गया। परियोजना निदेशक ने नर्सरी से जुड़ी गतिविधियों और उसकी प्रगति की जानकारी ली। इसके अलावा ग्राम पंचायत मज्याड़ी में निर्माणाधीन कलेक्शन सेंटर के निर्माण कार्य की प्रगति भी देखी गई।

वहीं, प्रगति स्वायत्त सहकारिता देवट द्वारा घनसाली में संचालित सामुदायिक आधारित फूड उद्यम का भी धरातलीय निरीक्षण किया गया। परियोजना निदेशक ने उद्यम की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।

बेहतर परिणाम के लिए कार्मिकों को किया प्रोत्साहित

परियोजना निदेशक ज्योति ने रीप परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों और उद्यमों को सफल बनाने के लिए ब्लॉक स्तरीय कार्मिकों एवं सीएलएफ स्टाफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कर्मचारियों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को कार्यों में निरंतर गुणवत्ता बनाए रखने तथा बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक उद्यमों को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के अवसर बढ़ाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर प्रभावी ढंग से काम करना होगा।

निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी विपिन सिंह, जिला परियोजना प्रबंधक ब्रह्मकान्त भट्ट, विजय राम डोभाल, आशीष कोठारी, सीएलएफ स्टाफ एवं स्वयं सहायता समूहों के सदस्य मौजूद रहे।

 

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