
जिला संवाददाता – नरेंद्र रावत
जन एक्सप्रेस / पुरोला: विकासखंड पुरोला के सर बड़ियार क्षेत्र के सुदूरवर्ती पोंटी गांव में भूस्खलन की वजह से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गांव के समीप स्थित नाले से लगातार मलबा और मिट्टी खिसकने के कारण आसपास के आवासीय भवनों पर खतरा मंडरा रहा है। मानसून के दौरान भूस्खलन की स्थिति और गंभीर होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षात्मक कदम उठाने की मांग की है।
लगातार खिसक रहा मलबा, बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों के अनुसार पोंटी गांव के समीप नाले की ओर से लगातार मलबा और मिट्टी खिसक रही है। इससे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दायरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। आसपास स्थित आवासीय भवनों में रहने वाले परिवार अपने मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
भूस्खलन के कारण गांव में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है।
दशकों से विस्थापन की मांग कर रहे ग्रामीण
ग्राम प्रधान भवानी रावत ने बताया कि पोंटी गांव को लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता रहा है। ग्रामीण कई दशकों से सरकार और प्रशासन से गांव के विस्थापन की मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि अभी तक विस्थापन की मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि गांव के समीप जिस स्थान पर भूस्खलन हो रहा है, उसे रोकने के लिए भी अब तक आवश्यक निर्माण या सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया है। ऐसे में लगातार बारिश होने पर ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण की मांग
ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने प्रशासन से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया जाए और आवासीय भवनों को संभावित खतरे से बचाने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र के आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। भूस्खलन की स्थिति की तकनीकी जांच कराकर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने की भी मांग की गई है।
मानसून में बढ़ जाता है भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पोंटी गांव के समीप हो रहे भूस्खलन ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो आवासीय भवनों के साथ-साथ लोगों की जान-माल को भी खतरा पैदा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण कराया जाए और भूस्खलन की रोकथाम के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संभावित खतरे को कम किया जा सकेगा।