हरदोई में बाढ़ का कहर,15 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित

जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई में गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी का उफान अब गांवों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। कटरी और कटियारी क्षेत्र में 15 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 70 गांवों में पानी पहुंच चुका है। खेत डूबने से फसलों को नुकसान हुआ है, वहीं पानी के तेज बहाव में कई संपर्क मार्ग कट गए हैं। बिलग्राम क्षेत्र में 26 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।
बिलग्राम क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। गंगा और गर्रा नदी का पानी गांवों के आसपास और कई जगह गांवों के भीतर तक पहुंच गया है। कटरी परसोला के 11 मजरे समेत कटरी छिबरामऊ, कटरी जरसेना मऊ, कटरी बिलुही, कटरी महादेवा, कटरी जरेला, पुन्ना पुरवा और मदारी पुरवा के आसपास झोपड़ीनुमा घरों में पानी घुस गया है। चुन्नी पुरवा के 107 लोगों ने राजघाट के आश्रयस्थल में शरण ली है। प्रशासन की ओर से पका-पकाया भोजन और राहत किट बांटी जा रही हैं। शुक्रवार शाम से करीब छह हजार राहत पैकेट वितरित किए जा चुके हैं, जबकि एसडीएम के मुताबिक 2,600 राहत किट भी बांटी गई हैं।

बाढ़ ने हरपालपुर में कई रास्तों पर भी संकट खड़ा कर दिया है। चौधरियापुर-कोला मार्ग, बरंडारी टू-लेन से कुशलपुरवा वाया जरौली नेवादा मार्ग, सुरजूपुर-दुर्जना से श्यामपुर मार्ग और सूर्यपुर-श्यामपुर मार्ग कट गए हैं। इससे ऊंचागांव, नई दुनिया, दुर्जना, मोल्हनपुर, टिकइया, कनत्थूखेड़ा, अलीगंज ननखेरिया, श्यामपुर, अर्जुनपुर, बड़ागांव, चाऊंपुर और शाहिद समेत करीब एक दर्जन गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरपालपुर, सवायजपुर और फर्रुखाबाद जाने के लिए ग्रामीणों को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ सकता है।
अलीगंज ननखेरिया में रामगंगा के टापू पर फंसे गोवंश को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को साधारण नाव से आठ गोवंशों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि शुक्रवार शाम 22 गोवंशों का रेस्क्यू किया गया था। एसडीएम शिवानी सिंह ने नायब तहसीलदार राजेश कुमार, रामकिशोर यादव और बीडीओ त्रिलोकी चंद्र शर्मा को रेस्क्यू के लिए भेजा है। मोटरबोट उपलब्ध न होने से अभियान की रफ्तार प्रभावित है। पशु चिकित्सक डॉ. हरिमोहन वर्मा ने चार गायों की टैगिंग कर उन्हें ग्रामीणों के सुपुर्द किया है। शिविर लगाकर 120 पशुओं को दवाएं भी दी गई हैं।






