सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्जे पर बड़ा एक्शन: 5 कानूनगो जिले से बाहर ट्रांसफर, 30 लेखपालों का भी तबादला
कमिश्नर रोशन जैकब की सख्ती, लापरवाही या मिलीभगत पर नहीं मिलेगी राहत

जन एक्सप्रेस/लखनऊ : राजधानी लखनऊ समेत आस-पास के जिलों में सरकारी ज़मीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को न रोक पाने पर कमिश्नर रोशन जैकब ने कड़ा एक्शन लिया है। जिलाधिकारी की संस्तुति पर पाँच कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) को जिले से बाहर भेज दिया गया है। वहीं, 30 लेखपालों के भी तबादले किए गए हैं, जिनकी शिकायतें लंबे समय से लंबित थीं।
अधिकारियों के निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित राजस्वकर्मियों ने न तो अवैध कब्जों को रोका और न ही इस पर कोई रिपोर्टिंग की। इसके बाद कमिश्नर ने कार्रवाई के निर्देश दिए और अपर आयुक्त प्रशासन राधेश्याम द्वारा ट्रांसफर आदेश जारी किए गए।
किन कानूनगो पर हुई कार्रवाई?
1. समर बहादुर – लखनऊ से सीतापुर
2. सम्पूर्णानन्द – लखनऊ से उन्नाव
3. नरेन्द्र कुमार मिश्रा – लखनऊ से सीतापुर
4. अशोक कुमार पाण्डेय – लखनऊ से उन्नाव
5. मोहम्मद शोएब – लखनऊ से सीतापुर
सरोजनीनगर क्षेत्र में तैनात एक राजस्व निरीक्षक की लापरवाही तो निरीक्षण के दौरान सीधे सामने आ गई थी। कमिश्नर ने उस वक्त ही उनके निलंबन के निर्देश दे दिए थे। निलंबन की प्रक्रिया फिलहाल जारी है, और उन्हें उन्नाव भेज दिया गया है।
दागी कर्मियों की सूची जिलाधिकारियों से मंगवाई गई थी
कुछ समय पूर्व कमिश्नर रोशन जैकब ने लखनऊ मंडल के सभी छह जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर आदेश दिया था कि वे अपने क्षेत्र के भ्रष्ट या लापरवाह लेखपालों व कानूनगो की सूची बनाकर भेजें। इन अधिकारियों पर धन उगाही, भू-माफियाओं से साठगांठ और कब्जों को अनदेखा करने के आरोप लगे थे। उसी के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई।
लेखपालों के भी बड़े पैमाने पर तबादले
कमिश्नर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 30 लेखपालों के तबादले शिकायतों के आधार पर किए गए। इसके अलावा 44 लेखपालों को निजी या स्वास्थ्य कारणों से स्थानांतरित किया गया है।
अपर आयुक्त राधेश्याम ने बताया कि मंडल के सभी जिलों में सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्जों के मामलों में अब सख्त निगरानी की जा रही है। किसी भी तरह की लापरवाही या संलिप्तता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।






