जेल से रिहाई से पहले ही बढ़ीं इरफान सोलंकी की मुश्किलें, ईडी ने भेजा नोटिस
मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी दस्तावेज, अवैध संपत्ति जैसे गंभीर आरोप; 30 करोड़ की संपत्ति जब्त

जन एक्सप्रेस कानपुर। रिहाई के इंतजार में जेल में बंद पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें और उनके सहयोगियों को मनी लॉन्ड्रिंग, बांग्लादेशी नागरिक को फर्जी प्रमाण पत्र देने और अवैध संपत्ति बनाने जैसे संगीन आरोपों में नोटिस भेजा है। करीब 2,000 पेज के इस वाद में इरफान सोलंकी के साथ डॉ. रिजवान मोहम्मद, मन्नू रहमान, मो. वशी खान और कमर आलम को 29 सितंबर को लखनऊ की विशेष कोर्ट में तलब किया गया था।
मार्च 2024 में हुई थी बड़ी छापेमारी, 30 करोड़ की संपत्ति जब्त
मार्च 2024 में ईडी ने इरफान सोलंकी के पांच ठिकानों पर छापेमारी कर 30 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त की थीं, जिनमें फ्लैट, मकान, दुकानें और जमीनें शामिल हैं। ये संपत्तियां कानपुर के जाजमऊ, चमनगंज, फजलगंज और अन्य पॉश इलाकों में स्थित हैं। इस कार्रवाई के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे थे।
ED की चार्जशीट में कई गंभीर आरोप
ED के लखनऊ ज़ोनल कार्यालय के कंप्लेंट असिस्टेंट डायरेक्टर प्रताप सिंह ने 7 अगस्त 2025 को यह वाद दाखिल किया था। इसमें इरफान सोलंकी सहित अन्य पर धन शोधन, फर्जी दस्तावेजों से बांग्लादेशी को प्रमाण पत्र दिलाने और अवैध संपत्ति निर्माण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।29 सितंबर को हुई सुनवाई में आरोपी मन्नू रहमान की ओर से अधिवक्ता मो. सलीम कोर्ट में उपस्थित हुए और वाद पत्र की प्रति मांगी। समयाभाव के चलते पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला, जिसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 28 अक्टूबर 2025 तय की है।गैंगस्टर एक्ट में 34 महीने जेल में रहने के बाद रिजवान सोलंकी को सोमवार को रिहा कर दिया गया। वहीं, पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की मंगलवार को रिहाई की उम्मीद जताई जा रही है। दीवानी न्यायालय से महराजगंज जेल के लिए रेडियोग्राम भेजा गया है।
2027 चुनाव का दावा: “पत्नी और मैं साथ चुनाव लड़ेंगे
जेल से बाहर आने से पहले ही इरफान सोलंकी ने एक बड़ा राजनीतिक बयान देकर हलचल मचा दी। उन्होंने कहा कि 2027 में वह और उनकी पत्नी दोनों चुनाव मैदान में उतरेंगे। इस दावे से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मां को छूने तक नहीं दिया जाता था”, भावुक हुए रिजवान
जेल से रिहाई के बाद मीडिया से बात करते हुए रिजवान सोलंकी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जेल में रहते हुए उन्हें मां से मिलने तक की इजाज़त नहीं थी, सिर्फ जाली से बात होती थी। अपने बच्चों को गले लगाने के बाद उन्होंने भाई इरफान के साथ पिता हाजी मुश्ताक सोलंकी की कब्र पर भी हाज़िरी दी।
डॉ. रिजवान मोहम्मद और परिवार को भी जमानत
ईडी की जांच में सामने आए एक अन्य मामले में डॉ. रिजवान मोहम्मद पर बांग्लादेशी नागरिक को फर्जी प्रमाण पत्र दिलवाने का आरोप है। इस केस में उन्हें, उनकी पत्नी और बच्चों को जेल भेजा गया था। हालांकि सभी को अब जमानत मिल चुकी है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है।






