
पुरोला संवाददाता – सचिन
जन एक्सप्रेस /पुरोला :- विकासखण्ड मोरी मे मंगलवार को नैटवाड व गैचवांन गांव के ग्रामीणों का सतलुज जल विद्युत परियोजना के नैटवाड़ स्थित बैराज निर्माण में अधिग्रहित भूमि के मुआवजे व लंबित मांगों को लेकर आंदोलन मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को महिलाओं ने बैराज स्थल पर धरना देकर परियोजना प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने बताया कि बैराज निर्माण के लिए अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा, टौंस नदी के दूसरी ओर स्थित कृषि भूमि तक पहुंच के लिए पुल निर्माण, खेती की सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक कार्य तथा चरान-चुगान पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने जैसी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एक माह पूर्व प्रशासन और परियोजना प्रबंधन द्वारा शीघ्र समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद भी कोई कारवाई नहीं हुई है।
प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना निर्माण के दौरान नेटवाड़ के किसानों की लगभग 27 हेक्टेयर कृषि भूमि अधिग्रहित की गई थी। साथ ही किसानों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा भी किया गया था, लेकिन परियोजना का निर्माण पूरा होने और कंपनी द्वारा हस्तांतरण किए जाने के बाद भी न तो किसानों को भूमि का मुआवजा मिला और न ही कोई वादे पूरे किए गए। प्रदर्शन कारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। धरने में काशी, शिशु, वैजयंती , सोनी,जलमा देवी, कुषा, देवेंद्र , सोनी देवी, विनोद , विजयपाल,सचिन, आदि शामिल रहे।






