मानिकपुर के जडेरा बांध में करोड़ों का भ्रष्टाचार! पहली बारिश में ढही दीवार
ठेकेदार और जेई की मिलीभगत से घटिया निर्माण, किसानों में उबाल, अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल

जन एक्सप्रेस चित्रकूट: मानिकपुर तहसील अंतर्गत जडेरा बांध में सिंचाई विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की परतें पहली ही बारिश में उघड़ गईं। जून माह में सीपेज बंद करने और पिचिंग कार्य के लिए शासन से 1 करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि जारी की गई थी, लेकिन अब बांध की दीवार ढह चुकी है और सीपेज जस का तस है। आरोप है कि ठेकेदार और विभागीय जेई ने मिलकर घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर पूरी धनराशि की लूट-खसोट की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब दोबारा स्थानीय बालू, डस्ट और पत्थर से लीपापोती कर सब कुछ छुपाने की कोशिश हो रही है।
सीएम योगी की जीरो टॉलरेंस नीति की उड़ रही धज्जियां, जिम्मेदार अधिकारी बने मूकदर्शक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस” की नीति की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। ठेकेदार और जेई की मिलीभगत से सरकारी पैसे की लूट हुई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हैं। न कोई जांच, न कोई कार्रवाई, और न ही ठेकेदार पर कोई रोक। यह सब सवाल खड़े करता है कि आखिर इस लूट का राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण कौन दे रहा है? ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं, बार-बार घटिया निर्माण के बावजूद प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
किसानों का फूटा गुस्सा, शासन तक आवाज पहुंचाने की चेतावनी
ग्रामीण किसान गुड्डा द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ठेकेदार शासन से ऊपर है? गांव वालों का कहना है कि अब सब्र का बांध टूट चुका है। अगर शीघ्र ही भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जनता का पैसा लूटकर, खानापूरी कर काम दिखाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






