बीमा की डूबी रकम दिलाने के नाम पर ठगने वाले छह गिरफ्तार…

वाराणसी:- बीमा कंपनियों में फंसी धनराशि (प्रीमियम) और मैच्युरिटी (किसी इंन्वेस्टमेंट के पूरा होने का समय) दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठने वाले छह आरोपितों को साइबर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित इंडिया इंफो लाइन इंश्योरेंस पालिसी सेल (इंश्योरेंस ब्रोकर कंपनी) कंपनी में काम करते थे। कंपनी बंद हुई तो वहां से चोरी डेटा का इस्तेमाल लोगों से रुपये ऐंठने में करने लगे
पूछताछ को सारनाथ थाने पर बुलाए गए थे आरोपित
पकड़े गए ठग बलिया, बागपत, अमरोहा, गाजियाबाद निवासी है। आरोपित पूछताछ को सारनाथ थाने पर बुलाए गए थे, जहां पुख्ता सुबूत मिलने पर गिरफ्तारी की गई। ठगों के पास से मोबाइल, सिमकार्ड, इंश्योरेंस डाटा पेपर, लैपटाप, आधार कार्ड, डेबिट कार्ड व 10,500 रुपये नगद बरामद हुए हैं। साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्रा ने बताया कि खजुरी के सर्वेश चौबे ने विभिन्न कंपनियों में बीमा कराया है। ठग चोरी किए डेटा से सौरभ को फोन कर बीमा में डूब रहे रुपये को वापस दिलाने के नाम पर नौ लाख रुपये ऐंठ लिए।
साइबर पुलिस की छानबीन में सामने आई काली करतूत
सर्वेश ने 16 मई को लालपुर पांडेयपुर थाने में केस दर्ज कराया तो जांच साइबर थाने की पुलिस को मिली। सर्विलांस व साइबर तकनीकी से जांच में बलिया जिले के थाना नगरा अंतर्गत डिहवा निवासी ओम प्रकाश, गाजियाबाद के रावली रोड गोपालपुरम के जितेंद्र, चितोड़ा मंसूरी के सुमित कुमार, बागपत के सिद्धावली अहीर के मोनू गिरी, अमरोहा के ईश्वरदेव, बछरायूं निवासी अशोक कुमार, थाना गजरौला के मीरपुर निवासी अजीत सिंह की संलिप्तता पता चलने पर गिरफ्तारी हुई। आरोपित नोएडा में फर्जी काल सेंटर खोलकर फोन कर लोगों को फांसते थे।
किस्त न देने पर बीमा की राशि जब्त होने, मेच्योरिटी डूबने आदि का झांसा देकर रुपये ऐंठते, फिर एजेंट का कमिशन छोड़ किश्त की राशि सीधे मंगा लेते। सर्वेश के साथ भी ऐसा हुआ, लेकिन जब किस्त की राशि बीमा कंपनी को नहीं पहुंची तो ठगी का एहसास होन पर रिपोर्ट दर्ज कराई। ठगों ने करोड़ों रुपये ठगने की कुबूली है। बताया कि अवस्थी जी, मिश्रा, विक्रम राना, राय साहब, पीसी वर्मा, लारेंस डिसूजा आदि बदले हुए नामों से लोगों को फोन करते थे।
फाइनेंस कर्मियों ने 80 लाख हड़पे, छह पर केस
उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक लिमिटेड की भटनी शाखा के कर्मियों ने सहायता समूह की महिलाओं के 80 लाख रुपये हड़प लिए। कर्मियों ने धनराशि बैंक में जमा करने की बजाय अपने पास रख लिए। भटनी थाने की पुलिस ने ऋण अधिकारी समेत छह कर्मियों के विरुद्ध शनिवार को गबन का मुकदमा दर्ज किया। फाइनेंस बैंककर्मी गांवों में जाकर महिलाओं का समूह बनवाने संग उन्हें रोजगार के लिए ऋण देते हैं। भटनी में महिलाओं को ऋण दिया गया है।
आरोप है कि महिलाओं ने किस्त भुगतान के रूप में जो रुपये जमा किए कर्मियों ने अपने पास रख लिया। इसके लिए उन्होंने बैंक के अभिलेख में भी छेड़छाड़ की। मामले में डिवीजनल शाखा देवरिया के प्रबंधक कमलेश कुमार राय की तहरीर पर पुलिस ने सिद्धार्थनगर के मिरावापुर के रहने वाले ऋण अधिकारी राजन चौधरी, मऊ के सम्मेवा गिरि के अभिषेक कुमार, गाजीपुर के धुंधपुर के अनुपम कुमार, भदोही के बृजेश कुमार, वाराणसी के चांदपुर के अनिल कुमार और गोरखपुर के कन्हैया लाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।






