गढ़वाल

एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में 10 दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला शुरू

जन एक्सप्रेस/गढ़वाल: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा और भौतिकी विभाग ने आईसीएसएसआर प्रायोजित 10 दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का शुभारंभ कर दिया। कार्यशाला का मुख्य फोकस भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) और आधुनिक शोध पद्धति के समन्वय पर है, ताकि शिक्षक और शोधार्थी सैद्धांतिक व व्यावहारिक रूप से मजबूत बन सकें।

कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने अध्यक्षता करते हुए यूजीसी गाइडलाइंस का पालन जरूरी बताते हुए कहा, “शोध सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि ईमानदारी और अनुशासन की जिम्मेदारी है। शोधार्थी अपने काम को प्राथमिकता दें, सुपरवाइजर से अनुमति लेकर आगे बढ़ें और बाहरी राजनीति-चर्चाओं से दूर रहकर समय पर शोध पूरा करें। वे सिर्फ अच्छे विद्वान नहीं, समाज के प्रेरणादायक शिक्षक भी बनें।”
मुख्य अतिथि प्रो. पी.वी.बी. सुब्रमण्यम (निदेशक, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, देवप्रयाग) ने भारतीय ज्ञान प्रणाली की गुरु-शिष्य परंपरा, अनुभवजन्य शिक्षा और समग्र विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शोध तकनीकों से जोड़कर शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

चौरास परिसर निदेशक प्रो. राजेंद्र सिंह नेगी ने परिसर के अनुशासित वातावरण और कुलपति के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की। आरडीसी निदेशक प्रो. हेमवती नंदन ने शिक्षा-विज्ञान में व्यावहारिक नवाचार पर बल दिया। कार्यशाला में 30 प्रतिभागी दिल्ली, राजस्थान, बिहार, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल से शामिल हैं। रोजाना चार सत्र होंगे, जिनमें विशेषज्ञ व्याख्यान और व्यावहारिक अभ्यास शामिल हैं। कोर्स निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह और सह-निदेशक डॉ. आलोक सागर गौतम ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनु राही ने किया। विभाग के प्राध्यापक, शोधार्थी और प्रतिभागी मौजूद रहे। यह कार्यशाला शोध को समाजोपयोगी बनाने की दिशा में अहम साबित होने वाली है।

 

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