फास्टैग नहीं है? अब टोल पर यूपीआई से भुगतान पर नहीं लगेगा दोगुना जुर्माना!
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की दीवाली पर राहत, अब सिर्फ सवा गुना टोल देना होगा

जन एक्सप्रेस/ लखनऊ: फास्टैग नहीं होने पर टोल टैक्स चुकाने में राहत की खबर है। अब यूपीआई (UPI) से भुगतान करने पर वाहन चालकों को दोगुना टोल नहीं देना पड़ेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दीवाली से पहले आम जनता को बड़ी राहत देते हुए यह नया नियम लागू किया है।
अब अगर किसी वाहन में फास्टैग नहीं है या फास्टैग में बैलेंस नहीं है, तो टोल पर यूपीआई से भुगतान करने पर मात्र 1.25 गुना शुल्क ही देना होगा। अधिसूचना शुक्रवार को जारी कर दी गई है, और यह नियम देशभर के टोल प्लाज़ा पर लागू होगा।
कैसे काम करेगा नया नियम?
मान लीजिए किसी टोल की सामान्य फीस ₹100 है।
अगर वाहन में फास्टैग नहीं है और चालक नकद भुगतान करता है, तो उसे अब भी ₹200 (दोगुना) देना होगा।
लेकिन अगर चालक यूपीआई से भुगतान करता है, तो उसे सिर्फ ₹125 ही देना होगा।
सिस्टम फेल होने पर नहीं देना होगा कोई शुल्क
अगर किसी टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम (FASTag सिस्टम) में खराबी के कारण फास्टैग से शुल्क नहीं कट पाता है, तो उस स्थिति में वाहन चालक को कोई शुल्क नहीं देना होगा। उसे शून्य लेनदेन (Zero Transaction) की रसीद देकर आगे जाने दिया जाएगा।
जनता को बड़ी राहत, डिजिटल पेमेंट को मिलेगा बढ़ावा
यह फैसला केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को और बल देगा। साथ ही डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने और टोल प्लाज़ा पर ट्रैफिक को कम करने की दिशा में भी यह एक अहम कदम माना जा रहा है।
पुराना बनाम नया नियम – एक नजर में:
स्थिति पुराना शुल्क नया शुल्क
फास्टैग से पेमेंट ₹100 ₹100
फास्टैग नहीं / निष्क्रिय, नकद पेमेंट ₹200 ₹200
फास्टैग नहीं / निष्क्रिय, यूपीआई पेमेंट ❌ ₹125
सिस्टम फेल (फास्टैग से पेमेंट असफल) ₹200 ₹0
यह नया नियम त्योहार के मौसम में यात्रियों के लिए बड़ी राहत है और नकद से डिजिटल की ओर ट्रांजिशन को भी सहज बनाएगा। यात्रियों को अब सलाह दी जाती है कि अगर फास्टैग नहीं है, तो कम से कम यूपीआई भुगतान का विकल्प जरूर चुनें, ताकि अनावश्यक जुर्माने से बचा जा सके।






