
जन एक्सप्रेस, कौशांबी: कौशांबी जिले के मंझनपुर तहसील अंतर्गत पश्चिम शरीरा कस्बे में एक 16 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से रुकवा दिया गया। किशोरी की शादी कानपुर के युवक से तय की गई थी, और गुरुवार को विवाह की तारीख निश्चित थी। बुधवार को मेंहदी की रस्में पूरी हो चुकी थीं, घर सज चुका था और तैयारियां ज़ोरों पर थीं। इसी बीच हेल्पलाइन नंबर 1098 पर किसी जागरूक व्यक्ति ने किशोरी के नाबालिग होने की सूचना दी।
सूचना मिलते ही बाल संरक्षण अधिकारी विपिन कुमार, सीडब्ल्यूसी सदस्य बिंदेश्वरी प्रसाद, चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर विकास केशरवानी और महिला पुलिस बल मौके पर पहुंचे। टीम ने परिजनों से पूछताछ कर लड़की के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसकी उम्र 16 वर्ष पाई गई। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी दी और तुरंत विवाह की प्रक्रिया को रुकवा दिया।
बाल संरक्षण अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां से आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस कार्रवाई से न सिर्फ एक नाबालिग की ज़िंदगी को समय पर बचा लिया गया, बल्कि समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी गया है।






