400 उठक-बैठक ने तोड़े अफसर बनने के सपने
डिफेंस कोचिंग में पढ़ रहे छात्र को टीचर ने दी क्रूर सजा, लगातार उठक-बैठक से छात्र के लिगामेंट हुए डैमेज, भर्ती के लायक नहीं बचा

जन एक्सप्रेस/देहरादून(उत्तराखण्ड) : डिफेंस अफसर बनने का सपना देख रहे एक युवा छात्र का भविष्य सिर्फ एक शिक्षक की ‘अनुशासनात्मक सजा’ ने अंधकारमय कर दिया। मामला देहरादून के प्रसिद्ध कोचिंग सेंटर सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी का है, जहां गणित शिक्षक जय सिंह ने एक छात्र को कक्षा में बात करने की सजा के तौर पर 400 उठक-बैठक लगवाने का निर्देश दिया। यह सजा इतनी भारी पड़ी कि छात्र के लिगामेंट डैमेज हो गए और वह डिफेंस भर्ती के लिए अयोग्य हो गया।
पीड़ित छात्र के पिता बानजीत कुमार बर्मन, जो शिलांग (मेघालय) के निवासी हैं, ने इस घटना को लेकर बसंत विहार थाने में शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज कराया है। शिकायत के मुताबिक, 4 जुलाई को हुए इस घटनाक्रम के बाद छात्र को पैरों और कमर में गंभीर दर्द और सूजन हुई। इलाज के लिए उसे स्थानीय हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास ले जाया गया, जहां से उसे दवाओं के साथ बिस्तर पर आराम करने की सलाह दी गई।
छात्र कई दिनों तक बिस्तर से उठ भी नहीं पाया। परिजनों ने जब इसकी जानकारी कोचिंग संस्थान को दी तो शुरू में उन्होंने ईमेल पर माफी मांगी, लेकिन बाद में न तो कोई कार्रवाई की और न ही किसी तरह का सहयोग किया। उल्टा छात्र को दस्तावेज सत्यापन के नाम पर संस्थान बुलाया गया, जिससे परिजन और अधिक आहत हुए।
पिता बानजीत बर्मन ने शिलांग पुलिस को भी इस मामले में तहरीर दी, जहां से जीरो एफआईआर दर्ज कर केस देहरादून ट्रांसफर कर दिया गया। बसंत विहार थाना पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने बताया कि शिक्षक जय सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित परिवार की मांग है कि शिक्षक और कोचिंग संस्थान दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और छात्र के सपनों को इस तरह रौंदा न जा सके।






