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मिठाई नहीं जहर खा रहे हैं लोग ! अमेठी में मिलावट का खुला खेल

 नकली पेय पदार्थ और मिलावटी मिठाइयों से स्वास्थ्य को खतरा

जन एक्सप्रेस/अमेठी: जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंच रही है, वैसे-वैसे तिलोई क्षेत्र के बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों और मिठाइयों की मांग भी तेज़ी से बढ़ रही है। इसी अवसर का फायदा उठाकर कुछ मिठाई दुकानदार और विक्रेता नकली एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है।बाजारों में नकली छैना से बने रसगुल्ले, बर्फी जैसी मिठाइयां खुलेआम बेची जा रही हैं। इसके अलावा, रंग-बिरंगे शीतल पेय पदार्थों के नाम पर रासायनिक युक्त पेय बाजार में लटकते देखे जा सकते हैं। छाछ और शिकंजी जैसे पारंपरिक पेयों में भी प्रतिबंधित पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।एक महिला उपभोक्ता सुनीता तिवारी ने बताया कि उन्होंने तिलोई क्षेत्र के सेमरौता बाजार से बर्फी खरीदी थी। घर जाकर जब परिवार और बच्चों को वह मिठाई खिलाई गई तो उसमें स्वाद और गुणवत्ता का अभाव था। सुनीता का कहना है कि “बर्फी में केवल मैदा और चीनी की मात्रा थी, मिठाई में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता नहीं थी, जबकि हमने पैसे अच्छे क्वालिटी की मिठाई के दिए थे।” यह उपभोक्ता अनुभव मिलावटी मिठाइयों की सच्चाई को उजागर करता है।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जब भी प्रशासन द्वारा छापेमारी की जाती है, वह केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है। दुकानदारों को पहले से ही इसकी सूचना मिल जाती है,जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा कुछ दुकानों पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन उसका कोई ठोस प्रभाव इन दुकानों पर नहीं पड़ा। तिलोई बाजार, सेमरौता, शंकरगंज, राजा फतेपुर और इन्हौना जैसे क्षेत्रों में इस तरह की दुकानों की भरमार है। जब इस मामले पर जन एक्सप्रेस तहसील संवाददाता तिलोई ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी अमेठी भीम चन्द्र गौतम से बात की तो उन्होंने बताया कि समय-समय पर कार्यवाही की जाती है जब कोई शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी

 

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