दलदल में फंसी विकास की गाड़ी! चित्रकूट के भदेहदू बांगर की सड़क बनी नरक का रास्ता

जन एक्सप्रेस चित्रकूट: जिले की राजपुर तहसील के अंतर्गत पहाड़ी ब्लॉक के ग्रामसभा भदेहदू के मजरा भदेहदू बांगर में सड़क की हालत ऐसी है कि लोग उसे सड़क नहीं, दलदल कहते हैं। हाल ही में जब गांव में आग से करीब 32 परिवारों के घर जलकर राख हो गए, तब आला अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधि तक इसी रास्ते से होकर गुजरे थे और सड़क की बदहाली अपनी आंखों से देखी थी। लेकिन अफसोस की बात है कि सब कुछ देखने के बावजूद किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह सड़क पिछले कई वर्षों से सिर्फ नाम की सड़क है। बारिश हो या गर्मी, इसमें हमेशा पानी और कीचड़ जमा रहता है। स्थिति इतनी भयावह है कि गांव से बाहर निकलने के लिए लोगों को घुटनों तक कीचड़ में उतरना पड़ता है। बीमारों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आज भी लोग चारपाई का सहारा लेते हैं क्योंकि एम्बुलेंस इस दलदल में फंस जाती है।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि यह वही गांव है जहां पिछले दिनों भारी जनहानि के बाद प्रशासन का पूरा काफिला पहुंचा था। अफसरों और नेताओं ने ‘जांच’ और ‘विकास’ के बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन हकीकत यह है कि वादा करने के बाद सब कुछ भूल गए। न कोई काम शुरू हुआ, न किसी अधिकारी ने दोबारा मुड़कर देखा।
गांववालों में अब सरकार और जनप्रतिनिधियों को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि नेता सिर्फ वोट मांगने के समय याद करते हैं, उसके बाद सब गायब हो जाते हैं। क्या विकास सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गया है? क्या आम आदमी को बुनियादी सुविधाएं मिलना अब सपना बन चुका है? भदेहदू बांगर की सड़क आज भी जवाब मांग रही है—आखिर ये कब सुधरेगी?






