
जन एक्सप्रेस, हल्द्वानी। हल्द्वानी की एक अदालत ने दोस्त से लिए उधार को न लौटाने के मामले में आरोपी को एक साल की सजा और 10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की राशि में से 9.5 लाख रुपये पीड़ित को प्रतिकर स्वरूप देने का आदेश दिया है। यह फैसला करीब नौ साल पुराने मामले में आया है, जिसमें आरोपी अपने करीबी दोस्त से लाखों रुपये लेकर फरार हो गया था।
क्या है मामला? यह मामला जुलाई 2016 का है। हल्दूचौड़ निवासी महेंद्र सिंह लटवाल ने अपने दोस्त मेधश्याम सिंह रावत (निवासी कुसुमखेड़ा) को 7.70 लाख रुपये उधार दिए थे। इस रकम के एवज में आरोपी ने एक हस्ताक्षरित चेक बतौर सुरक्षा महेंद्र को दिया। लेकिन जब महेंद्र ने वह चेक बैंक में लगाया, तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में वाद दर्ज कराया, जो तकरीबन नौ वर्षों तक चला।
कोर्ट ने क्या कहा? गुरुवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अखिलेश कुमार पांडेय की अदालत ने मेधश्याम को दोषी मानते हुए उसे एक वर्ष के सश्रम कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माने की राशि में से 9.5 लाख रुपये पीड़ित महेंद्र सिंह को प्रतिकर के रूप में लौटाने का आदेश भी दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने भरोसे का दुरुपयोग करते हुए पैसे हड़प लिए और इस दौरान फरार रहा। जानकारी के मुताबिक, आरोपी इसी अवधि में एक अन्य मामले में मुरादाबाद जेल भी जा चुका है। इसी अदालत में प्रेमपुर लोश्ज्ञानी निवासी देवेंद्र को जान से मारने की धमकी देने के आरोपी भुवन आर्या को दोषमुक्त करार दिया गया है। सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया।






