
जन एक्सप्रेस/ऋषिकेश(उत्तराखंड) : सावन के सोमवार और आगामी शिवरात्रि के पहले नीलकंठ महादेव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर क्षेत्र और उसके दोनों प्रमुख मार्गों—नीलकंठ पैदल मार्ग और मोटर मार्ग—पर लाखों कांवड़ यात्री उमड़ पड़े। हर दिशा से आती डाक कांवड़ और पैदल यात्रियों की टोलियों ने पूरा क्षेत्र भगवा रंग में रंग दिया। सोमवार शाम चार बजे तक करीब छह लाख श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 48.31 लाख से अधिक शिवभक्त दर्शन और जल चढ़ा चुके हैं।
जगह नहीं, बस श्रद्धा थी
नीलकंठ का पैदल मार्ग पूरी तरह भीड़ से ठसाठस भर गया था। स्थिति यह रही कि पुंडारासू के पास लोग एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। कई श्रद्धालु पहाड़ की ढलानों और किनारे के रास्तों से आगे निकलने की कोशिश करते रहे। मुनिकीरेती व ऋषिकेश में बड़ी डाक कांवड़ियों के वाहनों को अलग-अलग पार्किंग में खड़ा कर उन्हें पैदल ही रवाना किया गया।
मोटर मार्ग पर भी भारी दबाव, बार-बार रोके गए वाहन
नीलकंठ मोटर मार्ग पर भी दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने दिनभर में छह बार गरुडचट्टी पुल के पास वाहनों को 10 से 30 मिनट तक रोककर भीड़ को नियंत्रित किया। जब वापसी करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या थोड़ी कम हुई, तब ही रास्ता खोला गया।
ड्रोन से निगरानी, एसएसपी ने लिया जायजा
पौड़ी पुलिस ने पूरे मेला क्षेत्र में ड्रोन कैमरों से निगरानी की। एसएसपी लोकेश्वर सिंह ने नीलकंठ क्षेत्र का निरीक्षण किया और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। टिहरी एसएसपी आयुष अग्रवाल ने भी मुनिकीरेती, ढालवाला, तपोवन जैसे क्षेत्रों में व्यवस्थाएं परखी।
प्रशासन को उम्मीद है कि शाम तक श्रद्धालुओं की संख्या में थोड़ी गिरावट आ सकती है। इसके बावजूद सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को पूरी सतर्कता के साथ संभाला जा रहा है।






