उत्तर प्रदेशचित्रकूट

ट्रेजरी घोटाले पर कांग्रेस का वार — “मरे हुए लोगों के खातों से करोड़ों की लूट, सरकार और प्रशासन दोनों दोषी!

जन एक्सप्रेस चित्रकूट। करोड़ों रुपये के बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन पर बड़ा हमला बोला है।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक पंकज मिश्र ने अब तक की जांच को “ढुलमुल” बताते हुए सीबीआई या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच आयोग बनाने की मांग की है।

मृतकों के खातों में करोड़ों की हेराफेरी, और जांच वही कर रहे जो खुद जिम्मेदार हैं

पंकज मिश्र ने कहा कि यह अत्यंत विचित्र है कि लगभग एक दर्जन मृतकों के पेंशन खातों में करोड़ों रुपये की हेराफेरी होती रही और जांच उन्हीं अफसरों के हवाले है, जो इस पूरे घोटाले के दौरान पद पर रहे।इस मामले में अनियमितता शुरू होने के वर्ष से लेकर अब तक के सभी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, कोषाधिकारी, सहायक कोषाधिकारी और पटल सहायकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए,” उन्होंने कहा।

काजू कतरी और मोटे लिफाफों से दबा दिया गया सच

कांग्रेस नेता ने ऑडिट टीमों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिनका काम अनियमितता पकड़ना था, वही लोग होटल, गाड़ियां, मोटे लिफाफे और महंगे गिफ्ट लेकर “गोलमाल” करते रहे।सरकारी धन की लूट करने वाले लोग आज़ादी से घूम रहे हैं और प्रशासन सिर्फ रसीदी टिकट काटता फिर रहा है,” उन्होंने तीखे लहजे में कहा।

मुख्यमंत्री की चुप्पी समझ से परे, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी संदिग्ध”

पंकज मिश्र ने मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि सत्ता से जुड़े लोगों के कारण पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है।उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े घोटाले पर जनप्रतिनिधियों की खामोशी यह दर्शाती है कि “कहीं न कहीं सबकी मिलीभगत है।”

सरकारी लूट का पैसा वापस कराने का वादा बचा रहा अफसरों को!”

उन्होंने प्रशासन से पूछा कि लूटे गए पैसे की वसूली का आधार क्या है, और वह मानक जनता के सामने क्यों नहीं रखा जा रहा?वरिष्ठ कोषाधिकारी को सिर्फ इसलिए बख्शा जा रहा है क्योंकि उन्होंने पैसे वापस कराने का भरोसा दिया है? उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए,” मिश्र ने कहा।

ईडी जांच की भी उठी मांग

कांग्रेस नेता ने मांग की कि ट्रेजरी घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से भी कराई जाए ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि “प्रशासनिक मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण से पनपा संगठित आर्थिक अपराध” है।

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