वास्तविक दोषियों को बचाया जा रहा, निर्दोष पेंशनरों पर कार्रवाई अन्याय
कांग्रेस नेता ने अधिकारियों पर साधा निशाना, कहा— वरिष्ठ कोषाधिकारी की हो रिमांड में पूछताछ, पेंशनरों के साथ हो नरमी

जन एक्सप्रेस चित्रकूट।(हेमनारायण हेमू)ट्रेजरी घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर लगातार मुखर रहे कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंकज मिश्र ने एक बार फिर प्रशासन पर तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में असली दोषियों को बचाने और निर्दोष पेंशनरों को फंसाने की कोशिश की जा रही है।मिश्र ने कहा कि जिन लोगों की वजह से वे जेल गए, उनके प्रति उनका रोष है, जबकि उम्रदराज़ पेंशनरों के प्रति उनके मन में नरमी है। उन्होंने कहा कि “जिन अधिकारियों के नाम प्राथमिकी में होने चाहिए थे, उन्हें न तो निलंबित किया गया और न ही जेल भेजा गया। वही अधिकारी अब पेंशनरों को जेल भिजवाकर पूरे मामले की लीपापोती में जुटे हैं।”कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला स्थानीय पुलिस के अधिकार क्षेत्र का नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपये के सरकारी धन की लूट का गंभीर मामला है। केवल मुकदमा दर्ज कर और पेंशनरों को जेल भेजकर जांच का समाधान नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि “अगर सरकारी अधिकारियों ने पेंशनरों के खाते में रुपए भेजे, तो वे अकेले दोषी कैसे हुए? जिले का हर कलेक्टर पहले कोषागार का चार्ज लेता है — तो क्या अब तक के सभी कलेक्टर भी दोषी हैं?” उन्होंने मांग की कि वरिष्ठ कोषाधिकारी को मुख्य आरोपी बनाया जाए और उनकी रिमांड लेकर पूछताछ की जाए, तभी सच सामने आएगा।पंकज मिश्र ने कहा कि अधिकांश पेंशनरों को मामले की जानकारी तक नहीं थी, और बुजुर्गों के साथ हो रहा यह अन्याय अस्वीकार्य है। उन्होंने प्राथमिकी की वैधानिकता पर भी सवाल उठाए।जिलाधिकारी के हालिया स्थानांतरण पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “सरकार ने अपनी किरकिरी से बचने के लिए उन्हें दूसरे जिले भेज दिया। पूरे जिले में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका संदिग्ध रही है।”उन्होंने कहा कि प्रशासन को पेंशनरों के प्रति नरम रुख अपनाना चाहिए, क्योंकि “अगर उन्हें भागना होता तो पुलिस इतनी आसानी से पकड़ नहीं पाती।”संदीप श्रीवास्तव की मौत पर भी उन्होंने पुलिस की चूक बताते हुए इसे “पुलिस की लापरवाही का परिणाम” कहा।पंकज मिश्र ने दो टूक कहा — “हम इस पूरे मामले में असली दोषियों को बचने नहीं देंगे और सच्चाई को सामने लाकर रहेंगे।”






