उत्तराखंड

वीर बाल दिवस विवि पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन

जन एक्सप्रेस/श्रीनगर:हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के बिड़ला एवं चौरास परिसर में भारत सरकार के निर्देशानुसार वीर बाल दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वहीं इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि ग्रंथी परमिंदर पहुँचे। जहाँ उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे पुत्रों साहिबजादा जोरावर सिंह एवं साहिबजादा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि अल्पायु में भी इन वीर बालकों ने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया था। उनके जीवन से हमें नैतिक शिक्षा लेनी चाहिए। वहीं इस दौरान विवि की ओर से इस दिवस पर प्रो. महावीर सिंह नेगी को समन्वयक बनाया गया था। प्रो. महावीर सिंह नेगी ने कहां कि, वीर बाल दिवस हमें साहस, निडरता और नैतिक मूल्यों पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। विवि में इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान विवि के खेल विभाग की ओर से ज्ञान आधारित खेल प्रतियोगिता चैस का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम स्थान पर आशुतोष गुसाईं रहे। वहीं दूसरे स्थान पर रोहन कुमार रहे। इस दौरान डिप्टी खेल डायरेक्टर मोहित बिष्ट के द्वारा स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 12 बच्चों ने भाग लिया। वहीं बिड़ला परिसर के शिक्षा विभाग में सामुहिक चर्चा एवं प्रोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल नौटियाल ने किया। इस दौरान समूह चर्चा में प्रथम स्थान पर पवनेश , आस्था, यामिनी, हिमानी, शिवानी, जानकी रही। वहीं द्वितीय स्थान पर नीतू, प्रतिभा, अंजलि, सपना, कृष्णा एवं अखिलेश रहे।इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग से प्रो. रमा मैखुरी डॉ0 देवेंद्र सिंह, डॉ0 शंकर सिंह एवं डॉ नागेंद्र कुमार यादव एवं एम. एड विद्यार्थियों मौजूद रहे। वहीं चौरास परिसर में विवि के योगा विभाग से लेकर विवि के स्वामी मनमंथन प्रेक्षागृह तक बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन एवं भारत सरकार की अन्य संबंधित योजनाओं की जन जागरूकता को लेकर रैली निकाली गई। इस रैली को हरी झंडी चौरास परिसर के निदेशक प्रो. आर एस नेगी ने दिखाई। जिसका नेतृत्व डॉ. राजनी नौटियाल ने किया। इसके अलावा विवि योगा विभाग के द्वारा शाररिक फिटनेस को लेकर एक कार्यक्रम भी इस दौरान किया गया। जिसमें बतौर प्रशिक्षण डॉ. विनोद नौटियाल (योग विभाग) द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के छात्र-छात्राओं को सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही ताड़ासन, साइड बेंडिंग चक्रासन, पर्वतासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन एवं शवासन तथा ओम का उच्चारण भी करवाए गए।इस योग अभ्यास के माध्यम से सभी छात्र-छात्राओं ने योग द्वारा शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस के लाभ प्राप्त किए वही विवि के भूगोल विभाग में भी इस अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. गुरदीप ने सिख धर्म की स्थापना, उसके मूल सिद्धांतों एवं गुरु परंपरा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सिख धर्म समानता, सेवा और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा ने समाज को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की शक्ति प्रदान की। वहीं कार्यक्रम के दौरान वीर बालकों के बलिदान को स्मरण करते हुए सभी ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। इस कार्यक्रम का समापन राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता एवं नैतिक मूल्यों के संदेश के साथ किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रजनी नोटियाल, डॉ. अनु राही, डॉ. विजय कांत पुरोहित, अध्यक्ष छात्र संघ महिपाल बिष्ट, डॉ. गुरदीप (चीफ स्पीकर), डॉ. राकेश सैनी एवं डॉ. धीरज विशिष्ट, मोहित बिष्ट एवं विवि के एनएसएस एवं एनसीसी के छात्रों – छात्राओं समेत अन्य मौजूद रहे।

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