
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार: अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज में एक महत्वपूर्ण वर्चुअल राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी और अखंड दीप के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आगामी ‘अनुयाज’ (Follow-up) कार्यक्रमों को गति देने के लिए बुलाई गई थी।
तीन महा-सौभाग्यों का संगम
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने इस वर्ष को आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष तीन विशिष्ट उपलब्धियों का ‘त्रिवेणी संगम’ है:
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अखंड दीपक के प्रज्वलन के 100 वर्ष।
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पूज्य गुरुदेव (पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य) की महान तप-साधना के 100 वर्ष।
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वंदनीया माताजी (भगवती देवी शर्मा) के जन्म के 100 वर्ष।
आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा: मई तक चलेगा अभियान
डॉ. पण्ड्या ने स्पष्ट किया कि यह शताब्दी वर्ष केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि गुरुदेव के संकल्पों को धरातल पर उतारने का समय है। आगामी कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया:
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युवा और नारी सम्मेलन: देशभर में बड़े स्तर पर सम्मेलनों का आयोजन होगा।
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108 कुण्डीय यज्ञ: राष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में जनजागरण हेतु महायज्ञ किए जाएंगे।
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समयावधि: ये कार्यक्रम नवरात्रि के तुरंत बाद शुरू होकर मई माह तक निरंतर चलेंगे।
24 राज्यों के प्रतिनिधि हुए शामिल
संगोष्ठी में व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि ने कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि राष्ट्रीय जोन समन्वयक डॉ. ओ.पी. शर्मा ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा। वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस बैठक में उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र और पंजाब सहित 24 से अधिक राज्यों के 1000 से अधिक समन्वयक और सक्रिय कार्यकर्ता जुड़े। सभी ने एक स्वर में इस वर्ष को समाज जागरण का महाअभियान बनाने का संकल्प लिया।






