
जन एक्सप्रेस /रुद्रपुर :- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में पिछले तीन दिनों से चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया। यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) पंकज उपाध्याय को मुख्यमंत्री के नाम आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर धरना स्थगित किया। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शासन स्तर से जल्द निर्णय नहीं हुआ तो वे देहरादून कूच कर प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे।ज्ञापन में किसानों ने ट्यूबवेलों के बिजली बिल पूरी तरह माफ करने और घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग की। इसके साथ ही प्रदेश के किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने तथा सीमांत और पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों को प्रतिमाह 20 हजार रुपये हिल भत्ता देने की मांग उठाई।

भाकियू ने बाजपुर क्षेत्र के 20 गांवों की कृषि भूमि पर खरीद-बिक्री, खाद और ऋण लेने पर लगी पाबंदियां हटाने तथा किसानों को भूमि का पूर्ण अधिकार देने की मांग भी की। इसके अलावा राज्य की विभिन्न वर्गों की जमीनों का स्वामित्व उन पर काबिज किसानों को देने की मांग रखी गई।काशीपुर की बंद पड़ी चीनी मिल पर किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी ज्ञापन में उठाया गया। यूनियन के अनुसार वर्ष 2007 का करीब एक करोड़ और वर्ष 2011-12 का करीब 25 करोड़ रुपये बकाया भुगतान कराया जाना है।

किसानों ने गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 700 रुपये प्रति कुंतल करने तथा प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। पूर्व में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को भी हटाने की मांग की गई।
धरने में भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता समेत संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।






