
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :- राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बड़ेथी (चिन्यालीसौड़) में स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ स्वच्छता दिवस के रूप में किया गया। शासन के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने विद्यालय, घर और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने की शपथ ली। छोटे बच्चों की इस बड़ी शपथ ने स्वच्छ भारत मिशन को एक नई ऊर्जा दी है।
प्रधानाचार्य संजय कुक्साल ने बच्चों को बताया कि स्वच्छता केवल सफाई नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है और इसमें उनकी व्यक्तिगत भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। विज्ञान अध्यापक हरीश नौटियाल ने स्वच्छता और स्वास्थ्य के गहरे संबंध को समझाते हुए व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सूखा कचरा, गीला कचरा और अस्पताल अपशिष्ट के वैज्ञानिक पृथक्करण और निस्तारण की विशेष जानकारी दी। बच्चों को डस्टबिन के रंगों के अनुसार कचरा डालने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने घर और विद्यालय में स्वच्छता बनाए रखने के उपाय साझा किए। यह कार्यक्रम सिद्ध करता है कि स्वच्छता की असली पाठशाला प्राथमिक विद्यालय ही हैं, जहां से संस्कार बनते हैं। बड़ेथी स्कूल के इस मॉडल ने पूरे जिले के लिए एक संवैधानिक और मूल्यवान संदेश दिया है कि कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण और बच्चों की भागीदारी ही स्वस्थ भारत की कुंजी है






