हरदोई जनपद में सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
हरदोई।बांधो से लगातार पानी छोड़े जाने से जिले में गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।सवायजपुर व बिलग्राम तहसील के तमाम गांवों में बाढ़ से लोग परेशान हैं

जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई।बांधो से लगातार पानी छोड़े जाने से जिले में गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।सवायजपुर व बिलग्राम तहसील के तमाम गांवों में बाढ़ से लोग परेशान हैं।प्रशासन बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में लगातार जायजा ले रहा है तथा उनको राहत व जरूरतमंद सामग्री पहुंचा रहा है।
शनिवार की सुबह मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार से गंगा नदी में 74,660 क्यूसेक तथा नरौरा से 75,819 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दोनों स्थानों से कुल 1,50,479 क्यूसेक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया। इसके अलावा नानक सागर डैम, उत्तराखंड से गर्रा नदी में 1,034 क्यूसेक तथा ड्यूनी डैम, पीलीभीत से 2,164 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की खबर है।जबकि जनपद में 0.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
शनिवार की सुबह नदियों के गेज स्थलों पर जलस्तर चेतावनी एवं खतरे के निशान के आसपास अथवा उससे ऊपर दर्ज किया गया।प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित और तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखी जा रही है। राजघाट पर गंगा का जलस्तर 126.100 मीटर दर्ज किया गया। जबकि यहां खतरे का स्तर 125.810 मीटर और चेतावनी बिंदु 125.310 मीटर पर है। इस प्रकार जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर है।जबकि राजघाट का अधिकतम स्तर 126.490 मीटर है।
रामगंगा नदी के हुल्लापुर में जलस्तर 137.200 मीटर दर्ज हुआ, जबकि यहां खतरे का स्तर 137.100 मीटर है।यहां जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं केंद्रीय जल आयोग (CWC) साइट सांडी पर गर्रा नदी का जलस्तर 130.360 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का स्तर 129.650 मीटर और चेतावनी बिंदु 129.150 मीटर है। इस तरह जलस्तर खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।






