जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइप लाइनों मे जम कर की गई अनियमिताएं
मानिकपुर में नमामि गंगे परियोजना पर बह रही भ्रष्टाचार की गंगा, मानकों का उल्लंघन कर हो रहा है काम

जन एक्सप्रेस/संवाददाता
चित्रकूट/मानिकपुर। गांव में घर घर पेयजल की सुविधा के लिए सड़क खोदकर पाइपलाइन तो बिछा दी गई लेकिन पाइप बिछाने के बाद सड़क को ठीक नहीं किया गया। पाइपलाइन से घर में पानी पिलाने की सुविधा कब तक मिलेगी इसका तो पता नहीं है, लेकिन खोदी गई सड़क ग्रामीणों के लिए सर दर्द बन गई है। लोग आए दिन चोटिल हो रहे हैं। सड़कों पर चलना दुर्लभ हो गया है। लोगों की यह पीड़ा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विभिन्न मंचों तक पहुंचाई जा रही है।

जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्राम पंचायत में पाइपलाइन के जरिए घर-घर पेयजल पहुंचाया जाना है। यह काम जीवीपीआर इन्जीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है, इसके तहत टंकी बनाने से लेकर पाइपलाइन बिछाने तक का काम किया जा रहा है। फर्म द्वारा सबसे पहले पाइपलाइन बिछाने का काम किया गया है। पाइपलाइन सड़कों व गलियों में बिछाया जा रहा है और इसके लिए सड़क को खोदना भी पड़ रहा है, जबकि पाइपलाइन बिछ गई तो सड़क को ठीक कर देना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
वाह रे नमामि गंगे के अफसर जो नमामि गंगे में भी बहाने लगे भ्रष्टाचार की गंगा
जनपद चित्रकूट के तहसील मानिकपुर का कोई ऐसा गांव नहीं जहां ठेकेदारों ने पाइप डालने के बाद रास्ता व खड़ंजा खराब ना कर दिया हो। सड़क को दोबारा ठीक करने के लिए कार्यदायी संस्था लापरवाही कर रही है। कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारो के मुताबिक पाइपलाइन किनारे की ओर बिछाई जाती है और जगह-जगह नहीं होती वहीं बीच में बिछाते हैं। पाइपलाइन डालने के बाद परीक्षण करना होता है कि कहीं पाइप में लीकेज तो नहीं है? टंकी का निर्माण पूरा न होने पर समरसेबल के सहारे परीक्षण हो सकता है। प्रशिक्षण में सब कुछ ठीक मिलने के बाद सड़क को पक्का किया जाता है। हालांकि ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत भी उच्च स्तर तक पहुंचाई गयी किन्तु अधिक समय बीत जाने के बाद भी सड़क को ठीक न करने की बात कह रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने बताया की पाइपलाइन बिछाने में कार्यदाई संस्था और फार्मो द्वारा मनमानी की जा रही है। नई सड़कों को भी खोद कर छोड़ दिया गया है। लोगों द्वारा इसकी शिकायत आए दिन की जाती है कहीं भी पीने के पानी का आता-पता नहीं है और लोगों को परेशानी झेलने के लिए छोड़ दिया जाता है।
पीडब्ल्यूडी की रोड के पटरी में ही जल जीवन मिशन द्वारा बिछाई जा रही है पाइपलाइन, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा जबकि अधिकारियों के मुताबिक रोड से करीब डेढ़ मीटर की दूरी पर पाइपलाइन खोदकर डालने की है अनुमति फिर भी मानिकपुर कर्बी रोड की पटरी पर गलत तरीके से बिछाई जा रही है पाइपलाइन।
जल जीवन मिशन के ठेकेदारों द्वारा डाली जा रही पाइपलाइन मे बड़ी लापरवाही सामने आई है, 1 मीटर की बजाय 2 फीट नीचे ही डाल दिए जा रहे हैं। पाइप पथरीले इलाकों में पाइपलाइन बिछाने के पहले उसमें डस्ट बालू का प्रयोग किया जाता है लेकिन ठेकेदारों द्वारा पत्थर के ऊपर ही लाइन बिछा दी जाती है।

जबकि पथरीली इलाकों में पत्थर निकाल कर उसमें मिट्टी फीलिंग करनी चाहिए लेकिन ठेकेदारों द्वारा खोदे हुए पत्थर से ढक दिया जाता है। ऐसा ही कुछ मामला गढीकला पावर हाउस के आसपास का आया है।
सवाल!
क्या अधिकारी इसमें लेंगे एक्शन या फिर अफसर की मनमानी से नमामि गंगे योजना में मानकों का होता रहेगा उल्लंघन ?






