हाथरस: समाधान दिवस में गैरहाजिर सहायक अभियंता पर कार्रवाई
CDO ने रोका एक दिन का वेतन

जन एक्सप्रेस/ हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से प्रशासनिक सख्ती से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। तहसील सादाबाद में आयोजित समाधान दिवस के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुख्य विकास अधिकारी (CDO) पीएन दीक्षित ने निरीक्षण के दौरान एक अधिकारी की अनुपस्थिति पकड़ी। जांच में सामने आया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंता समाधान दिवस में मौजूद नहीं थे, जबकि रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर दर्ज पाए गए।
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए CDO ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सहायक अभियंता का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया।
समाधान दिवस में चल रहा था निरीक्षण
तहसील सादाबाद में समाधान दिवस का आयोजन आम जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से किया गया था। इस बैठक की अध्यक्षता खुद मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित कर रहे थे। समाधान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे और जनता की शिकायतें सुनी जा रही थीं।
इसी क्रम में CDO ने पंजिका रजिस्टर (हाजिरी रजिस्टर) का अवलोकन किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी विभागों के अधिकारी मौके पर उपस्थित हैं या नहीं।
रजिस्टर में हस्ताक्षर, लेकिन अधिकारी नदारद
जब CDO ने पंजिका रजिस्टर की जांच की, तो उसमें PWD सहायक अभियंता संतोष कुमार के हस्ताक्षर दर्ज मिले। लेकिन जब मौके पर उनकी उपस्थिति की पुष्टि की गई, तो वे समाधान दिवस में मौजूद नहीं पाए गए।
इस बात को लेकर मौके पर मौजूद अधिकारियों में भी चर्चा शुरू हो गई। CDO ने इसे सरकारी कार्य में घोर लापरवाही मानते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।
CDO ने दिखाई सख्ती
मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अधिकारियों की अनुपस्थिति जनता के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं होंगे, तो आम लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे संभव होगा।
इसी के चलते CDO ने सहायक अभियंता PWD संतोष कुमार का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी किया और संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई को प्रशासन की ओर से अनुशासन और जवाबदेही का सख्त संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समाधान दिवस का उद्देश्य सिर्फ औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका समाधान करना है।
यदि कोई अधिकारी इस तरह की लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समाधान दिवस की अहम भूमिका
समाधान दिवस उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत आम नागरिक सीधे प्रशासनिक अधिकारियों से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इसमें राजस्व, पुलिस, विकास, स्वास्थ्य, बिजली और लोक निर्माण विभाग समेत तमाम विभागों की भागीदारी अनिवार्य होती है।
ऐसे में किसी विभागीय अधिकारी का गैरहाजिर रहना न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि जनता के विश्वास को भी कमजोर करता है।
अन्य अधिकारियों में बढ़ी सतर्कता
इस घटना के बाद समाधान दिवस में मौजूद अन्य विभागों के अधिकारियों में भी सतर्कता देखी गई। कई अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति सुनिश्चित की और शिकायतों के निस्तारण को लेकर गंभीरता दिखाई।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि आगे भी समाधान दिवस और जनसुनवाई कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने CDO की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि जब वरिष्ठ अधिकारी सख्ती दिखाते हैं, तभी व्यवस्था में सुधार आता है। जनता ने उम्मीद जताई है कि आगे भी ऐसे ही अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि सरकारी योजनाओं और शिकायत निस्तारण में तेजी आए।






