
जन एक्सप्रेस देहरादून।देहरादून में अधिवक्ताओं की हड़ताल लगातार 10वें दिन भी जारी रहने से न्यायालयों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। इस बीच हड़ताल का फायदा उठाकर स्टांप विक्रेताओं की मनमानी आम जनता की परेशानी बढ़ा रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, अधिकृत स्टांप विक्रेता स्टांप उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, लेकिन इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग काला बाजारी में जुट गए हैं। शहर के कई इलाकों में सामान्य रूप से ₹10 मूल्य के स्टांप को ₹100 तक में बेचा जा रहा है।आवश्यक दस्तावेज, एफिडेविट और रजिस्ट्री संबंधी कार्यों के लिए स्टांप की कमी आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। नागरिकों का कहना है कि हड़ताल के कारण पहले ही उनका काम अटका हुआ है, अब कालाबाजारी ने परेशानी को और बढ़ा दिया है।कई अभ्यर्थियों, छात्रों और नौकरी से जुड़े युवाओं को महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने के लिए स्टांप की जरूरत है, लेकिन उच्च दामों पर खरीदने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि स्टांप की कालाबाजारी पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्टांप उपलब्ध कराए जाएं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह गैरकानूनी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।अधिवक्ताओं की हड़ताल कब खत्म होगी, इस पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। फिलहाल कुछ लोग इस स्थिति का फायदा उठा कर लाभ कमा रहे हैं, जबकि आम जनता महंगे दामों और परेशानियों का सामना कर रही है।






