उत्तरकाशी का गौरव: IAS बनने के बाद बंशी लाल राणा ने पाला गांव में सर्फ़नाथ देवता का लिया आशीर्वाद।

जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जनपद के सीमांत क्षेत्रों से प्रतिभाओं के निकलने का सिलसिला जारी है। जनपद के बगोरी गांव निवासी और प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी बंशी लाल राणा के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नत होने से पूरे जिले में हर्ष की लहर है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद, राणा ने आज पाला गांव पहुँचकर अपने आराध्य भगवान सर्फ़नाथ देवता के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की।
आस्था और कृतज्ञता का संगम
अपनी पदोन्नति के बाद पहली बार देव दर्शन के लिए पहुँचे बंशी लाल राणा ने सपरिवार देवता महाराज के दरबार में माथा टेका। उन्होंने भगवान सर्फ़नाथ से प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। अपनी सादगी के लिए प्रसिद्ध राणा ने इस अवसर पर ग्रामीणों से भी आत्मीय मुलाकात की और उनका स्नेह प्राप्त किया। ग्रामीणों के अनुसार, पद और कद बढ़ने के बावजूद राणा की अपने मूल और संस्कृति के प्रति श्रद्धा अटूट है।
बगोरी से IAS तक का सफर: युवाओं के लिए प्रेरणा
बंशी लाल राणा की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उत्तरकाशी के युवाओं के लिए एक मिसाल है। उनकी कार्यशैली की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
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प्रशासनिक अनुभव: उन्हें शासन में उनके गहरे अनुभव और कार्यकुशलता के लिए जाना जाता है।
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वर्तमान पद: वह वर्तमान में उत्तराखंड के महिला एवं बाल विकास विभाग में निदेशक के पद पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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सादगी और व्यवहार: अपनी सौम्यता और जन-सुलभ व्यवहार के कारण वह जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
सम्मान और उपस्थिति
पाला गांव में उनके आगमन पर क्षेत्रवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस गौरवमयी क्षण पर पूर्व प्रधान जोत सिंह रावत, विक्रम सिंह रावत, सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप प्रकाश पंवार सहित मंदिर के पुजारी विकास नौटियाल व संजीव नौटियाल एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने उनके उज्जवल भविष्य और प्रदेश हित में उनके योगदान की सराहना की।






