अमेरिका का बड़ा सैन्य हमला – ईरान के परमाणु ठिकानों पर ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’

जन एक्सप्रेस/ देश-दुनिया : अमेरिका ने फ़ॉरडो, नताँज़, इशफ़हान नामक तीन प्रमुख परमाणु स्थलों पर हवाई हमले किए, इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” नाम दिया गया ।
पेंटागन ने बताया कि इस ऑपरेशन में बी ‑2 स्टील्थ बमवर्षक व टोमाहॉक क्रूज़ मिसाइलों का प्रयोग किया गया ।
इजरायल की भूमिका
इजरायल की सेना ने 3–6 हवाई अड्डों, मिसाइल लॉन्च व स्टोरेज साइटों और एफ़ -14, एफ़ -5, एएच -1 जैसे जेटों को क्षतिग्रस्त करने का दावा किया ।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपने लक्ष्यों के “काफ़ी नज़दीक” पहुंच चुका है ।
रेडिएशन का जोखिम
आईएईए और ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की कि हिट किए गए स्थलों पर रेडिएशन खतरा नहीं है—क्योंकि उन स्थलों में रेडियोधर्मी सामग्री नहीं थी ।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर उपग्रह आधारित छवियां
सैटेलाइट द्वारा दिखाए गए पहले और बाद की तस्वीरों से फ़ॉरडो साइट के बाहर खुले क्षेत्र में धूल, सुरंग, मलबे व संभावित क्रेटर्स की मौजूदगी स्पष्ट हुई ।
ईरान ने महत्वपूर्ण सामग्री निकाल ली
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हमले से पहले ईरान ने करीब 400 कि.ग्रा. 60% समृद्ध यूरेनियम को Fordow प्लांट से कहीं और शिफ्ट किया था ।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
एशियाई-पैसिफिक देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया उपाय की बात कर रहे हैं, जापान और जी-7 ने संकट को काबू में लाने की अपील की ।
ईरान की प्रतिक्रिया तेज़—आकस्मिक मिसाइल हमलों की चेतावनी, यूएन में कड़ी टोन, और “कड़ी प्रतिक्रिया” का संकेत—देश के विदेश मंत्री ने जापान को संदेश भेजते हुए कहा कि अब कूटनीतिक रास्ता फिलहाल बंद है ।
तेल की कीमतों में उछाल
मध्य पूर्व के तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड $81 प्रति बैरल की ऊँचाई पर पहुंचा — एक दिन में 5–6% की बढ़ोतरी हुई ।
स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुज़ का प्रतिबंध?
अमेरिका ने ईरान को चेताया कि अगर उसने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद किया तो, वह “आर्थिक आत्महत्या” होगी ।
यह हमले एक संभावित परमाणु-विरोधी मिशन थे, लेकिन रेडिएशन के जोखिम को नज़रअंदाज़ कर अमेरिका ने रिपोर्ट के अनुसार आवश्यक सामग्री पहले ही हटा ली थी।
इजरायल की सक्रिय गुप्त जानकारी पर आधारित कार्रवाई, ईरानी मिसाइल व एयरफोर्स परिसंपत्तियों पर मिर्दाना हमला, इस संघर्ष को और तीव्र बनाते दिख रहे हैं।





