चित्रकूट में बार संघ का “बम धमाका” विवाद: हमला साजिश या सुरक्षा का ड्रामा?
बार अध्यक्ष पर ही अधिवक्ताओं का हमला, बोले – 'खुद की साख बचाने के लिए रची बमबारी की झूठी कहानी'

जन एक्सप्रेस चित्रकूट (हेमनारायण हेमू) – चित्रकूट जनपद की अधिवक्ता राजनीति में इन दिनों एक बम धमाके से ज्यादा गर्मी है, और ये धमाका किसी सड़क पर नहीं, बल्कि बार संघ के अंदर हुआ है। जिला बार संघ अध्यक्ष अशोक गुप्ता के घर पर हाल ही में हुए कथित बम हमले को लेकर अधिवक्ता संघ में दो फाड़ खुलकर सामने आ गए हैं।जहां एक पक्ष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार का ऐलान कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इस पूरी घटना को “पूर्व नियोजित साजिश” बता रहा है।
‘झूठी कहानी बनाकर पत्रकारों व विरोधियों को फंसा रहे हैं’: अधिवक्ताओं का आरोप
बार संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश तिवारी और उनके समर्थकों ने सीधे-सीधे अशोक गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि,यह हमला नहीं, एक ड्रामा है। यह सबकुछ सुरक्षा पाने और व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए किया गया है।”उन्होंने सवाल खड़े किए कि जब हमलावर अज्ञात थे तो फिर रिपोर्ट में नामजद लोग कैसे आए?सुरेश तिवारी का दावा है कि इस हमले के नाम पर कुछ निर्दोष अधिवक्ताओं और पत्रकारों को झूठा फंसाया जा रहा है।
कार्य बहिष्कार फ्लॉप, अदालतों में कामकाज सामान्य
हालांकि, अशोक गुप्ता समर्थक अधिवक्ताओं ने इस हमले के विरोध में आज कार्य बहिष्कार का ऐलान किया था, लेकिन उसका ज़मीनी असर शून्य रहा।अदालतों में वकील रोज़ की तरह काम करते दिखे और कोई खास समर्थन नहीं दिखा।
अधिवक्ता संघ में महाभारत: एक पक्ष FIR के पीछे, दूसरा न्याय की जंग में
अधिवक्ता संघ में चल रही इस अंदरूनी जंग ने जिले की न्यायिक व्यवस्था को भी असमंजस में डाल दिया है।
जहां एक ओर बार अध्यक्ष खुद को पीड़ित बता रहे हैं, वहीं विरोधी गुट इसे राजनीतिक स्टंट और ‘सुरक्षा का बहाना’ करार दे रहा है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
सभी विरोधी अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बमबाजी की यह घटना सच थी या सिर्फ एक साजिश।इस पूरे घटनाक्रम ने चित्रकूट की सियासी और न्यायिक गलियों में हलचल मचा दी है। अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है — क्या ‘बमबारी की साजिश’ का पर्दाफाश होगा या किसी निर्दोष पर कानूनी बम फोड़ा जाएगा?






