माघ मेले से पहले साधु-संतों का बवाल, मेला प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरना
जमीन और सुविधा पर्ची न मिलने से नाराज़ संत, SDM से तीखी नोकझोंक

जन एक्सप्रेस/प्रयागराज। 3 जनवरी से शुरू हो रहे माघ मेले से पहले साधु-संतों का आक्रोश फूट पड़ा है। जमीन और सुविधाएं न मिलने से नाराज़ 100 से अधिक साधु-संत मंगलवार रात से ही मेला प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। संतों का आरोप है कि अब तक न तो उन्हें रहने के लिए जमीन आवंटित की गई है और न ही सुविधा पर्ची को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है।धरने की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम तपन मिश्रा ने संतों से धरना समाप्त करने को कहा। इसी बात को लेकर संतों और एसडीएम के बीच तीखी कहासुनी हो गई। हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब एक संत एसडीएम के पैरों में गिर पड़ा और भावुक होकर बोला—“हमें जमीन दे दीजिए, नहीं तो जेल भेज दीजिए।”स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम किसी तरह मेला प्राधिकरण कार्यालय के भीतर पहुंचे। उनके अंदर जाते ही संतों का गुस्सा और बढ़ गया। संतों ने कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।धरने पर बैठे संतों का कहना है कि हर साल माघ मेले में समय पर जमीन और सुविधाएं दी जाती थीं, लेकिन इस बार प्रशासन की लापरवाही से उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन संतों को समझाने का प्रयास कर रहा है।






