योगी सरकार के बजट में जौनपुर को बड़ी सौगात, काशी-विंध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण में शामिल

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के 9.13 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक बजट में जौनपुर जनपद को बड़ी सौगात मिली है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा काशी-विंध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के गठन की घोषणा के साथ जौनपुर को इसमें शामिल किए जाने का ऐलान किया गया। इस निर्णय को जिले के योजनाबद्ध और संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले से जौनपुर को काशी और विंध्य क्षेत्र की तर्ज पर समन्वित विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा। आधारभूत संरचना, सड़क नेटवर्क, शहरी विकास, पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन की संभावनाएं तेज होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राधिकरण के माध्यम से दीर्घकालिक विकास योजना तैयार की जाएगी, जिससे निवेश आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
योजनाबद्ध विकास को मिलेगी नई दिशा
काशी-विंध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करते हुए समग्र विकास सुनिश्चित करना है। जौनपुर को इसमें शामिल किए जाने से जिले के ऐतिहासिक स्थलों, पर्यटन केंद्रों और शहरी ढांचे के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, लघु उद्योगों और सेवा क्षेत्र को भी गति मिलने की उम्मीद है।
‘शिराज-ए-हिंद’ के विकास को नई रफ्तार
जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं पूर्व गृहराज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘शिराज-ए-हिंद’ के नाम से प्रसिद्ध जौनपुर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से समृद्ध जनपद है। प्राधिकरण में शामिल होने से यहां के विकास को नई गति और नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह गरीबों के उत्थान, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास की जो यात्रा तय की है, यह बजट उसमें मील का पत्थर साबित होगा।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
कृपाशंकर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की है और जौनपुर को इस प्राधिकरण में शामिल किया जाना उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इससे निवेश के नए अवसर पैदा होंगे, औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
स्थानीय स्तर पर इस घोषणा को लेकर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में उत्साह देखा जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्राधिकरण के माध्यम से जौनपुर के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का संरक्षण और विकास तेजी से होगा, जिससे जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।






