रामपुरा के पिचोरा में मनरेगा योजना के गूल खुदाई कार्य मिला भ्रष्टाचार
57 मजदूरों से गूल खुदाई का काम पूर्णतः फर्जी, ग्रामीणों ने लगाया आरोप

जन एक्सप्रेस/उरई/रामपुरा। ग्राम पंचायत पिचोरा विकास खंड रामपुरा में गूल खुदाई एवं सफाई का कार्य मनरेगा योजना द्वारा कराया जा रहा जिसमे फर्जी बाड़ा देखने को मिला। ग्रामीणों द्वारा बताया गया है कि हमारे गांव में मनरेगा योजना द्वारा किया जा रहा गूल खुदाई का कार्य पूर्णता फर्जीवाडा कर कागजों पर दर्शाया जा रहा और धरातल पर किसी भी तरह का मजदूरों से कोई भी कार्य नहीं कराया जा रहा और वहीं विकास खंड से लेकर ग्राम प्रधान तक कार्य करने वाले अधिकारी भ्रष्टाचार में संलिप्त जो भ्रष्टाचार को जमकर बढ़ावा दे रहे। वही ग्राम पंचायत मे मनरेगा योजना द्वारा गूल खुदाई का कार्य फर्जी चल रहा है जो विकास खंड स्तर पर कागजों में प्रितदिन एनएमएमएस करके 57 मजदूरों की मजदूरी दिखा कर खाना पूर्ति की जा रही लेकिन मौके पर किसी भी तरह का कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा हकीकत देखी जाए तो कहीं भी कोई गूल खुदाई नहीं हो रही है। मजदूरों को नहीं मिल रही है मजदूरी/ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट के तहत फर्जी एमएमएस के द्वारा निकाला जा रहा है रुपया मजदूरों को नहीं मिल रही है मजदूरी बम्बी से वीरेंद्र के खेत तक मास्टर रोल नंबर 6125 से 6148 तक 9 मास्टर रोल में 57 लेबर कार्यरत है। आईडी नंबर 3138001034/आईसी/721763 गूंल खुदाई और सफाई बंबी से वीरेंद्र के खेत तक मेट एवं प्रधान रोजगार सेवक सचिव की मिलीभगत से आज 06/01/2026 की रिपोर्ट मौके पर जाकर देखा गया, तो कहीं भी गूल खुदाई नहीं हो रही है और ना ही कोई वहां लेबर थी गांव वालों ने बताया की फर्जी पैसा निकाला जा रहा है पहले भी कई कार्यों का प्रधान द्वारा फर्जी पैसा निकाला गया है अगर उच्य अधिकारियो द्वारा ग्राम पंचायत की सही तरीके से जांच की जाए तो खुलेगी लाखों की पोल, ग्राम पंचायत में प्रधान द्वारा विकास कार्यों के नाम पर जमकर किया गया भ्रष्टाचार और सरकार की जीरो टोलरेंस नीति की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि ग्राम पंचायत में किए गए भ्रष्टाचार की उच्य अधिकारियो द्वारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वही डीसी मनरेगा से जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि मामले को संज्ञान मे लेकर जांच कर कार्यवाही की जाएगी।






