ई-रिक्शा से 20 टन माल! देहरादून में करोड़ों का GST फर्जीवाड़ा बेनकाब
स्टेट टैक्स विभाग की SIB टीम की छापेमारी में खुला बड़ा घोटाला, व्यापारी ने मौके पर ही जमा किए ₹1.35 करोड़

जन एक्सप्रेस देहरादून: उत्तराखंड के राज्य कर विभाग की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग (SIB) ने देहरादून में आयरन और स्टील कारोबार से जुड़ी एक फर्म पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के GST फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। इस घोटाले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कई ई-वे बिल में जिन भारी वाहनों की एंट्री दिखाई गई, असल में वे वाहन ई-रिक्शा, कार और थ्री-व्हीलर निकले। हैरानी की बात यह है कि इन हल्के वाहनों से 15 से 20 टन माल की आपूर्ति दिखाई गई है।
जांच में सामने आया कि फर्म ने बिना किसी वास्तविक आपूर्ति के सिर्फ इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के लाभ के लिए ई-वे बिल तैयार किए। ये फर्जी बिल्स उस समय और रूट पर बनाए गए, जब संबंधित वाहन देहरादून या बताई गई लोकेशन पर थे ही नहीं।राज्य कर विभाग की टीम ने मंगलवार को गढ़वाल जोन के एडिशनल कमिश्नर पीएस डुंगरियाल और SIB के जॉइंट कमिश्नर अजय कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की।
डिप्टी कमिश्नर अजय बिरथरे ने बताया कि व्यापारी ने अपनी गलती मानते हुए मौके पर ही ₹1.35 करोड़ की राशि जमा कर दी है। शेष राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी है।फर्जीवाड़े में अब तक पांच करोड़ रुपये के फर्जी ITC लाभ लेने की पुष्टि हो चुकी है। टीम ने यह भी पाया कि कई वाहन टोल प्लाजा से कभी गुजरे ही नहीं, लेकिन उनके नाम पर भारी माल ढुलाई दिखाकर टैक्स में हेरफेर की गई।
जांच टीम में शामिल अधिकारी: इस कार्रवाई में डिप्टी कमिश्नर डीआर चौहान, योगेश मिश्रा, सुरेश कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर टीका राम चन्याल, पूनम राजपूत, अमित कुमार और राज्य कर अधिकारी असद अहमद, कंचन थापा, भूपेन्द्र सिंह जंगपांगी आदि शामिल रहे।






