डिग्री शिक्षकों ने बाहों में काली पट्टी बांधकर किया सरकार की नीतियों का विरोध
बायोमेट्रिक से उपस्थिति न कराने तथा काम का समय 5 घंटे करने की उठाई मांग

जन एक्सप्रेस/संवाददाता
बहराइच। फेडरेशन ऑफ यूपी यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (फुपुक्टा) के आह्वान पर बुधवार से किसान पीजी कॉलेज के शिक्षकों ने वाह पर काली पट्टी बांधकर सरकार की नई नीतियों का विरोध किया। आंदोलनकारी शिक्षक बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था को हटाने तथा काम का समय 5 घंटे करने की मांग की। इस बीच आंदोलनकारी शिक्षकों ने कॉलेज के संस्थापक तथा स्वाधीनता सेनानी ठाकुर हुकुम सिंह की प्रतिमा के निकट धरना दिया और नारेबाजी की।
किसान पीजी कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष किशुनवीर ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ-साथ आने और जान दोनों समय बायोमेट्रिक से उपस्थिति दर्ज करने की बाध्यता तथा 6 घंटे कॉलेज में रुकने की अनिवार्यता से परेशान है। उन्होंने कहा कि इन हालातो में शिक्षक स्वयं को बंधुआ मजदूर महसूस कर रहा है और शासन व सरकार से इस मामले में रियायत की अपेक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि फुपुक्टा की ओर से 16 से 21 अगस्त तक बाहों में काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा 22 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में धरना देकर ज्ञापन सोपा जाएगा उसके बाद जो भी आंदोलन के रूपरेखा बनेगी उसका अनुपालन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का संचालन महामंत्री सीडी सिंह विसेन ने किया। इस मौके पर प्रोफेसर डॉ सूर्यभान रावत, डॉ. उस्मान, ओपी सोनी, डॉ उदय प्रताप सिंह प्रमोद कुमार, अनिल अवस्थी, डॉ तबरेज अनीश, आशुतोष, सुब्रत द्विवेदी ज्ञानेंद्र मणि त्रिपाठी, अनुपम कुमार सिंह कुमेल अब्बास धीरेंद्र प्रताप, विवेक जायसवाल, श्रेयात समेत समेत शिक्षक उपस्थित रहे।






