
जन एक्सप्रेस /देहरादून: देशभर में जारी स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में देहरादून नगर निगम को बड़ा झटका लगा है। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर केंद्रीय सर्वेक्षण टीम ने जब ज़मीनी हालात देखे, तो निगम को कई पैमानों पर शून्य अंक दिए गए। इसी कारण देहरादून टॉप-50 स्वच्छ शहरों की सूची से बाहर रह गया और 62वें स्थान पर रहा।
साढ़े आठ लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा, कंपनियों ने नहीं किया समय पर निस्तारण
शहर के सहस्रधारा रोड ट्रंचिंग ग्राउंड और शीशमबाड़ा वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में वर्षों से लगभग 8.5 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा है। सागर मोटर्स ने अब तक केवल 60 हजार मीट्रिक टन और एनवायरोटेक ने 30 हजार मीट्रिक टन कचरा ही निस्तारित किया है। यदि दोनों कंपनियां 50-50% लक्ष्य भी पूरा करतीं, तो शायद नगर निगम को शून्य अंक नहीं मिलते।
निगम की ढिलाई, ठेका कंपनियों पर नहीं हुई सख्ती
नगर निगम अनुबंधित कंपनियों पर सख्ती नहीं कर पाया, जिसके कारण काम अधूरा रहा। डोर-टू-डोर कलेक्शन में भी ठेकेदारों की लापरवाही उजागर हुई। सर्वेक्षण के वक्त ठोस कार्य न होने की वजह से देहरादून पिछड़ता गया।
अब उठाए जाएंगे सख्त कदम: नगर आयुक्त और मेयर का बयान
नगर आयुक्त नमामी बंसल ने कहा, “सफाई में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही जैविक-अजैविक कूड़े का पृथक्करण अनिवार्य होगा। नियमों का पालन करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए हाइटेक कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है।”
मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा, “डोर-टू-डोर कलेक्शन में ठेका कंपनियों की लापरवाही के चलते उनको हटाने का फैसला लिया गया है। अब सीमेंट फैक्ट्रियों को कूड़ा भेजा जा रहा है। हमारी तैयारी पूरी है, अगली बार देहरादून टॉप-50 में जरूर शामिल होगा।”






