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जिले में नहीं थम रहा डेंगू का प्रकोप, 31 मरीजों का चल रहा उपचार

88 संभावित मरीजों के नमूने जांच को भेजे गए, सीएमओ ने कहा जांच रिपोर्ट के आधार पर होता है इलाज

जन एक्सप्रेस/संवाददाता 

बहराइच। डेंगू सामान्य और गंभीर दो प्रकार का होता है। बीमारी के शुरुआती तीन से चार दिन के अंदर सामान्य और गंभीर डेंगू में अंतर नहीं किया जा सकता। बीमारी के तीन से पांच दिन बाद जैसे ही मरीज का बुखार कम या ख़त्म होता है उसी समय बीमारी की गंभीरता शुरू हो जाती है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश कुमार सिंह ने बताया इस समय के कुछ लक्षणों को ध्यानपूर्वक देखा जाय और समय रहते गंभीर डेंगू को पहचान कर उचित इलाज किया जाय तो खतरा टल जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रैपिड टेस्ट में पाये गए 31 संभावित डेंगू मरीजों का इलाज चल रहा है तथा 88 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जांच रिपोर्ट के अनुसार सभी को समुचित इलाज मुहैया कराया जाएगा। 

उन्होनें डेंगू के गंभीर लक्षण के बारे में बताया कि शुरुआती खतरे के संकेतों में बेड से उठकर जाते समय आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, जो मुख्य रूप से बीपी कम होने से होता है। इसके अलावा अन्य संकेत जैसे पेट में दर्द, यूरिन बहुत कम होना, बार-बार उल्टी होना, खड़े न हो पाना यह सभी डेंगू के गंभीर संकेत हैं। ऐसे में डेंगू मरीज को केवल चिकित्सक की देख रेख में ही इलाज लेना चाहिए। डेंगू के सामान्य लक्षणों में सिद दर्द, मिचली होना, उल्टी होना, मांसपेशियों, हड्डीयों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते का संकेताक भी डेंगू लक्षण के प्रतीक है।

संचारी रोग के नोडल डॉ संजय सोलंकी ने बताया कि इस समय होने वाले बुखार में केवल चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा बुखार उतारने के लिए पूरे शरीर को सामान्य पानी से बार-बार पोछना चाहिए क्योंकि केवल सिर पर पट्टी लगाने से बुखार नहीं उतरेगा। उन्होंने बताया कि डेंगू मरीज को एसक्लोपैरा, इयूजेसिक या बूफेन जैसी दवाइयों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इस दौरान पेय तरल पदार्थ का अधिक उपयोग करना चाहिए।

डेंगू से बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें व मच्छरों के काटने से बचे, सप्ताह में एक बार कूलर को रगड़ कर साफ करें व सुखाने के उपरान्त फिर से उपयोग में लाएं, छत पर पानी की टंकी का ढक्कन खुला न रखें, समय-समय पर टंकी की सफाई का ध्यान रखें। घरों की छतों आस-पास टूटे फूटे बर्तन, खिलौने, प्लास्टिक कन्टेनर आदि को नष्ट कर दें या उनमें जमा पानी को निकाल दें। डेंगू का मच्छर अधिकतर दिन के समय ही काटता है इसलिए पूरी आस्तीन का कपड़ा (फुल शर्ट, फुल पैन्ट व जूता-मोजा) पहनें।

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