उत्तराखंडदेहरादूनराज्य खबरें

आपदा प्रभावित बटोली गांव पहुंचे डीएम सविन बंसल

मुख्यमंत्री के निर्देश पर संवेदनशील प्रशासन की तत्परता

जन एक्सप्रेस

देहरादून। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश पर आपदाग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करने के क्रम में देहरादून जिले के मिसराल पट्टी स्थित सुदूरवर्ती बटोली गांव में जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रथम पंक्ति में पहुंचकर प्रभावितों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामवासियों से सीधे संवाद किया।

भारी बारिश से कट चुके इस गांव तक पहुँचने के लिए डीएम ने कई किलोमीटर लंबी दुर्गम पगडंडियों का सफर तय किया और अंतिम छोर तक बसे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से रूबरू हुए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि “ग्रामवासियों को कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है, प्रशासन स्वयं आपके द्वार पर खड़ा है।”

रातों-रात बहाल हुआ खाईयुक्त मार्ग

अतिवृष्टि के कारण खाई में तब्दील हुए ‘शेरू खाला’ के उस रास्ते को, जिसे दुरुस्त करने में सामान्यतः महीनों लगते, प्रशासन ने युद्धस्तर पर कार्य कर रातों-रात बहाल किया। डीएम ने इसे प्रशासन का कर्तव्य बताया कि “आपदा, मुसीबत या किसी अनहोनी को न्यून करना ही प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है।”

3.84 लाख का किराया सहायता चेक मौके पर वितरित

प्रभावित सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर 3 माह के लिए निवास हेतु ₹4,000 प्रतिमाह की दर से सहायता प्रदान की गई। कुल ₹3.84 लाख के एडवांस चेक प्रभावितों को मौके पर ही हस्तगत कराए गए।

24×7 मशीनरी तैनात, हेलीपैड व मेडिकल व्यवस्था के निर्देश

जिलाधिकारी ने वर्षा काल के पूरे 3 महीनों तक रास्ता दुरुस्त बनाए रखने हेतु 24×7 मैनपावर व मशीनरी तैनात रखने के निर्देश दिए। साथ ही, ग्रामवासियों की सुरक्षा के लिए 15 दिन में अस्थायी हेलीपैड निर्माण और गर्भवती महिलाओं व नवजातों के लिए एएनएम द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच के निर्देश भी दिए गए।

स्थायी सड़क और झूला पुल निर्माण की पहल

ग्रामवासियों की मांग पर कोटी-बटोली रोड को लोनिवि (PWD) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही बटोली से थान गांव के बीच वैकल्पिक सड़क मार्ग के लिए सर्वे कराने के आदेश दिए गए हैं। झूला पुल और स्थायी पुल निर्माण के लिए भी संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। तत्काल सुधार हेतु ₹3.98 लाख की राशि मौके पर ही लोनिवि को सौंपी गई।

शिक्षा, रोशनी और स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे बच्चों को गांव से स्कूल न भेजें, बल्कि स्कूल के समीप किराए पर मकान लेकर पढ़ाई जारी रखें। इसके लिए 3 महीने की किराया सहायता भी दी गई। साथ ही 20 सोलर लाइट्स की तत्काल स्वीकृति डीएम ने अपने कोटे से दी और कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।

स्थानीय कैंप और अधिकारियों की तैनाती

तहसीलदार विकासनगर को मौके पर ही कैंप लगाने और ग्रामवासियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए। वहीं, मेडिकल आकस्मिकता को ध्यान में रखते हुए अस्थाई चिकित्सा व्यवस्था के भी निर्देश मौके पर जारी किए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button