चंद्रिका देवी मंदिर में दबंगों का कहर जारी, मलिहाबाद SDM से की अभद्रता
श्रद्धालुओं से मारपीट के बाद अब प्रशासनिक अधिकारियों को भी नहीं बख्श रहे दुकानदार

जन एक्सप्रेस/लखनऊ : बक्शी का तालाब स्थित प्रसिद्ध चंद्रिका देवी मंदिर में एक बार फिर दबंगई का मामला सामने आया है। इस बार मंदिर परिसर में दुकानदारों ने मलिहाबाद के एसडीएम अंकित कुमार से अभद्रता की। आरोप है कि प्रसाद न खरीदने पर दुकानदारों ने न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि प्रशासनिक पदनाम लिखी गाड़ी को देख कर भी बदतमीजी जारी रखी।
दो महीने पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह कोई पहली बार नहीं है जब श्रद्धालुओं या अधिकारियों के साथ अभद्रता की गई हो। दो महीने पहले भी दुकानदारों ने श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की थी। घटना का CCTV फुटेज वायरल हुआ था, जिसके बाद दुकानदारों ने माफी मांगते हुए गुलाब के फूल देकर आने वाले श्रद्धालुओं का ‘स्वागत’ किया था। उस वक्त मंदिर समिति के उपाध्यक्ष रामकृपाल सिंह ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी थी।
इस बार निशाने पर रहे SDM
शनिवार को एसडीएम अंकित कुमार मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे। उनकी सरकारी गाड़ी पर साफ तौर पर उनका पदनाम लिखा हुआ था। जैसे ही गाड़ी मंदिर के पास रुकी, राजनाथ सिंह नामक युवक ने चालक से कहा – “पहले प्रसाद खरीदो, फिर गाड़ी खड़ी करो।” चालक द्वारा यह बताने पर कि गाड़ी मलिहाबाद के एसडीएम की है, युवक ने कहा – “कोई भी साहब हों, पहले प्रसाद खरीदो।” स्थिति को बिगड़ता देख SDM ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची बीकेटी थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह ने पुष्टि की कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बड़ा सवाल: क्या श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र अब डर का कारण बन रहा है?
चंद्रिका देवी मंदिर, जहां हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं श्रद्धा पर सवाल खड़े करती हैं। जब प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो आम श्रद्धालुओं की स्थिति की कल्पना भी डरावनी है।
जिम्मेदारी किसकी?
अब सवाल यह उठता है कि जब पहले भी चेतावनी दी जा चुकी थी, तो आखिर इन दबंग दुकानदारों पर स्थायी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? मंदिर प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि मंदिर परिसर में आने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।






