उत्तर प्रदेशगाजियाबाद

व्यवसायिक लेनदेन में व्यापारी की हत्या की साजिश का खुलासा ,चार गिरफ्तार

जन एक्सप्रेस, गाजियाबाद: जनपद गाजियाबाद के व्यवसाई अमित किशोर जैन पर जानलेवा हमला होता है। उसकी शिकायत पीड़ित द्वारा लिंक रोड थाने में।दर्ज कराई जाती है। जिसके विवेचना के क्रम में थाना पुलिस चार लोगों को गिरफ्तार करती है। जबकि घटना का मास्टर माइंड पोंजी स्कीम चलाने वाला अनुराग गर्ग निकला । जिसने अमित की हत्या की सुपारी दिया था । जो वर्तमान समय में पुलिस की न्यायिक हिरासत में है। घटना के सम्बन्ध में प्राप्त सूचना के अनुसार अमित की हत्या की सुपारी देने का आरोपी अनुराग गर्ग 2013 से 2016 तक गाजियाबाद के लाल कुआं इलाक़े में प्रॉपर्टी का कार्य करता था । उस समय उसकी मुलाकात अमित यादव से हुई जो प्लाटों में मिट्टी भरने का कार्य कराता था । उसके बाद अनुराग गर्ग पोंजी स्कीम चलाने और लाइक्स के नाम पर ठगी के आरोप में शिकायत होने के बाद जेल चला गया । जेल से छुटने के बाद अनुराग और अमित बराबर मिलते रहे । इसी बीच अनुराग गर्ग द्वारा अपने सम्पत्ति सीज कराने और उसके पूछे अमित किशोर जैन के हाथ होने की कहानी बताकर बदले में उसकी हत्या कराने की बात अमित से किया । उसके बदले उसे मालामाल करने की भी बात कही । पैसे के लालच में आकर अमित ऐसे कार्य को अंजाम देने की जुगत लगाने लगा और उसने यह बात अपने दोस्त प्रियांशु गौतम उर्फ यशु से साझा किया । जिसके बाद प्रियांशु उर्फ यशु द्वारा यह कार्य अपने दोस्त प्रियांशु तेवतिया व उसके चचेरे भाई अश्वनी उर्फ दिलावर से करा देगा ।इस प्रकार अमित किशोर जैन की हत्या की साजिश परवान चढ़ी । जिसके बाद चारों की मुलाकात अमित के माध्यम से अनुराग गर्ग से आरडीसी में होती है। जहां अनुराग द्वारा अमित किशोर जैन की फोटो समेत एक मोबाइल आरोपियों को दिया गया । उसके एवज में एडवांस के रूप में 50 हजार रुपए अप्रैल 2025 को दिए गए और शेष मोटी रकम कार्य होने के बाद तय हुआ। उसके बाद शुरू हुई रेकी और 16 जून 2025 को इसकी रूपरेखा बनाया । जिसके बाद घटना में।जान बचने के बाद पीड़ित अमित किशोर जैन ने थाने में तहरीर दिया जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू किया । जिसमें चौंकाने वाले तथ्य और अपराधी के नाम का खुलासा हुआ ।

*अनुराग गर्ग : पोंजी स्कीम के नाम पर सैकड़ों करोड़ की ठगी करने वाला शख्स*

अभियुक्त अनुराग गर्ग के विरुद्ध गाजियाबाद, लखनऊ,मेडिकल, कंकरखेडा व थाना दौराला में धोखाधड़ी व कोर्ट के आदेश की अवमानना में भगोड़ा होने आदि से सम्बन्धित कुल 56 अभियोग पंजीकृत है ।
अनुराग गर्ग पुत्र सत्य प्रकाश गर्ग निवासी नेहरू नगर गली नौचंदी जनपद मेरठ का जन्म 1991 में हुआ था दीवान पब्लिक स्कूल मेरठ से स्कूली शिक्षा हुई उसके उपरांत आईआईटी रुड़की से बीटेक किया उसके उपरांत कुछ दिन तक प्रॉपर्टी डीलर का कार्य किया प्रॉपर्टी डीलिंग के दौरान इसकी जान पहचान संदेश वर्मा रवि रस्तोगी आलोक रस्तोगी अखिलेश चौहान आदि लोगों से हुई उन सभी के साथ पार्टनरशिप करके वेबवर्क प्रा. लि. नाम से एक कंपनी संचालित किया । अनुराग गर्ग वेब वर्क ट्रेड लिंक्स नामक एक ऑनलाइन कंपनी में निदेशक था, जिस पर लगभग 2.5 लाख लोगों से 500 करोड़ रुपयों की ऑनलाइन धोखाधड़ी का आरोप लगा था। यह धोखाधड़ी सोशल मीडिया पर “लाइक्स” के बदले पैसे देने का लालच देकर की गई थी। जिसे सुरेश वर्मा के साथ नोएडा पुलिस ने 2017 में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। वेब वर्क ट्रेड लिंक्स एक ऑनलाइन कंपनी थी जिस पर बड़े पैमाने पर पॉन्ज़ी स्कीम चलाकर लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा था। यह एक ऐसा धोखाधड़ी वाला निवेश ऑपरेशन था जहाँ पुराने निवेशकों को नए निवेशकों से जमा किए गए धन से भुगतान किया जाता था।

*क्या था घोटाला?*

वेब वर्क ट्रेड लिंक्स लोगों को सोशल मीडिया पर वेबसाइटों को “लाइक” करने के बदले पैसे देने का लालच देती थी। इसके लिए लोगों को कंपनी में 11,000 रुपए से लेकर 57,500 रुपया तक का निवेश करके “पब्लिशर” बनना पड़ता था। कंपनी प्रति लाइक 6 रुपए देने का वादा करती थी। यह एक सीधा पॉन्ज़ी स्कीम था जहाँ कंपनी कोई वास्तविक व्यापार नहीं कर रही थी, बल्कि नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान कर रही थी। अनुमान है कि इस धोखाधड़ी से लगभग 2 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और उन्होंने 240 करोड़ रुपयों से अधिक का निवेश किया। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यह आंकड़ा 500 करोड़ तक भी पहुँच सकता है।
*संस्थापक और गिरफ्तारी* कंपनी के निदेशक अनुराग गर्ग और संदेश वर्मा थे। उन्हें फरवरी 2017 में नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था जब कई निवेशकों ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
अन्य कंपनियों से संबंध: वेब वर्क ट्रेड लिंक्स का कार्यप्रणाली एक अन्य बड़ी पॉन्ज़ी स्कीम, एबलेज इन्फो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के समान था, जिसे अनुभव मित्तल चला रहा था । अनुभव मित्तल की गिरफ्तारी के बाद ही वेब वर्क के खिलाफ भी शिकायतें सामने आने लगीं।
इस मामले की जांच नोएडा पुलिस के बाद सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली थी। प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने भी इस मामले में कंपनी और उसके निदेशकों की कई संपत्तियों को कुर्क किया है। कंपनी ने अपनी एक “शैडो कंपनी” एड्सबुक डॉट कॉम के प्रचार के लिए बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी का इस्तेमाल किया था, जिससे लोगों का भरोसा और बढ़ा। हालांकि, इन अभिनेताओं को किसी भी तरह से आरोपी या संदिग्ध नहीं बनाया गया था।
कुल मिलाकर, वेब वर्क ट्रेड लिंक्स एक बड़े पैमाने का ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी था जिसने हजारों लोगों को उनके पैसे से ठगा।

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