आग लगने से बस्ती की रिहायसी झोपड़ी जलकर राख,लाखों का नुकसान

जन एक्सप्रेस, बस्ती: लालगंज थाना क्षेत्र के जिभियांव में गुरुवार को अज्ञात कारणों से रिहायशी झोपड़ी में आग लगने से राशन व घरेलू सामान सहित लाखों रुपया व आभूषण जल कर राख हो गया। घर में रखा एक सिलेंडर भी फट गया। जिसका अवशेष तीन झोपड़ी पर जा गिरा और धू-धू कर जलने लगा। ग्रामीणों ने बड़ी मेहनत से आग को बुझाया।
गांव के अली हसन पुत्र असगर अली अपने घर में कपड़े की सिलाई कर रहे थे, तभी आग की लपट उठी तो बाहर निकल देखा छप्पर जल रहा था। जब तक कुछ समझ पाते तब तक पडोसी इसरार अहमद पुत्र अली हसन, निसार पुत्र अली हसन, कुतबुननिशा पत्नी मोहम्मद रजा, असलम पुत्र मोहम्मद रजा के घर को भी अपने चपेट में ले लिया और घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग जब तक पहुंचे तब तक असलम के घर में रखा गैस सिलेंडर फट गया और भगदड़ मच गई सिलेंडर का कुछ अवशेष खुर्शीद व बेलाल के झोपड़ी पर जा गिरा और वह भी जलने लगा। बड़े हिम्मत से ग्रामीण पहुंच कर इन दोनों के झोपडी को बुझाया।
आग बुझने के बाद पहुंची फायर की गाड़ी
अली हसन के घर में सिलेंडर रहने के डर से ग्रामीण आगे नहीं बढ़े और देखते देखते सब जल गया। इनका बीसहजार नगद, दो साइकिल, चार पंखा, सिलाई मशीन, तीन बकरी के बच्चे, राशन व लाखों के आभूषण जल गए। इसरार अहमद पुत्र अली हसन का आठ हजार नगद, दो पंखा, एक साइकिल, राशन व घरेलू सामान जल गया। निसार पुत्र अली हसन का 70 हजार नगद, डेढ़ लाख का आभूषण, फ्रिज, कूलर, पंखा, सिलाई मशीन, एक साइकिल, दो बकरी, राशन, कुतुबुननिशा पत्नी मोहम्मद रजा का एक मोबाइल फोन, सोने की झुमकी, पंखा, राशन, असलम पुत्र मोहम्मद रजा का 10 हजार नगद, आभूषण, राशन, गैस सिलेंडर, पंखा व साइकिल जल गया। निशार की पत्नी अपनी आशियाना जलती देख बेहोश हो कर गिर पड़ी और बच्चे रो रहे थे। ग्रामीणों ने सिलेंडर के दहशत में बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्राम प्रधान ने हलका लेखपाल को घटना के बारे में अवगत कराया लेकिन देर शाम तक पीड़ितों के घर नही पहुंचे। वहीं फायर विभाग घोर लापरवाही सामने आईं, जहां पर आग बुझने के बाद पहुंचा फायर की गाड़ी।

आग लगने की सूचना ग्रामीणों के देने के घंटो बाद अग्नि शमन गाड़ी जिला मुख्यालय से पहुंची। तब तक गांव के लोग आग बुझा चुका थे। इतना ही नही पुलिस चौकी कुदरहा के पीछे पांच सौ मीटर की दूरी पर आग लगी लेकिन पुलिस आधे घंटे बाद पहुंची। इसके बाद भी भीड़ के पीछे खड़ी हो कर जलती झोपड़ी को देख रही थी। पीडितों ने बताया कि यदि दमकल की गाड़ी समय से आ गया होता तो अन्य झोपडी जलने से बच गया होता। गैस सिलेंडर की डर से कोई गजदीक नही जा रहा था। स्थानीय पुलिस भी कोई पहल नही की।






