
जन एक्सप्रेस/नई टिहरी: उत्तराखंड की महत्वपूर्ण सौंग बांध परियोजना (Song Dam Project) को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में है। नई टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा बांध से प्रभावित परिवारों का विस्थापन, भूमि अर्जन और समयबद्ध मुआवजा वितरण रहा।
पुनर्वास और मुआवजे पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने घुडसाल गांव, रगड़गांव और ग्वाली डांडा चक सौंदणा के भूमि अर्जन से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की राह में किसी भी पात्र व्यक्ति के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। डीएम ने निर्देश दिए कि प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास और प्रतिकर (Compensation) से संबंधित सभी बिंदुओं का त्वरित निस्तारण किया जाए।
पारदर्शिता के लिए लगेंगे विशेष कैंप
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से प्रभावित व्यक्ति सीधे अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे और उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।
“कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे। सभी मामलों का निष्पक्ष एवं त्वरित निस्तारण हमारी प्राथमिकता है।” – नितिका खण्डेलवाल, जिलाधिकारी, नई टिहरी
रगड़गांव इंटर कॉलेज की सुरक्षा दीवार का कार्य पूर्ण
बैठक में रगड़गांव स्थित इंटर कॉलेज की सुरक्षा दीवार के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। परियोजना अधिकारियों ने जानकारी दी कि कॉलेज की सुरक्षा दीवार का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है, जिससे स्कूल भवन अब सुरक्षित है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार सिंह, सौंग बांध परियोजना के प्रबंधक प्रताप सिंह बिष्ट, धीरेन्द्र सिंह नेगी, सुधीर सैनी, नायब तहसीलदार (एसएलएओ) निशांत कम्बोज समेत प्रकाश लाल, बीना सेमवाल और देवाशीष सेमवाल जैसे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






