मृत्युञ्जय महादेव धाम उमरछा में सस्वर सुंदरकाण्ड प्रतियोगिता का भव्य समापन

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर उमरछा लिंग थापि विधिवत करि पूजा, सिव समान प्रिय मोहि न दूजा…इन पावन चौपाइयों के संग मृत्युञ्जय महादेव धाम उमरछा में आयोजित सस्वर सुंदरकाण्ड प्रतियोगिता का प्रदोष तिथि पर भव्य समापन हुआ। श्रद्धा, भक्ति और संगीत के अद्भुत संगम ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। प्रतियोगिता में निर्मल मानस ग्रुप, औरैला (मड़ियाहूं) के कलाकारों ने शुद्ध उच्चारण, लयबद्ध गायन और भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुंदरकाण्ड पाठ के उपरांत आयोजित सम्मान समारोह में कलाकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय ने कहा कि सुंदरकाण्ड केवल भक्ति का मार्ग नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला शास्त्र है। युवा कलाकारों की यह प्रस्तुति नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है और ऐसे आयोजनों से समाज में सनातन मूल्यों का विस्तार होता है। विशिष्ट अतिथि यादवेन्द्र मिश्र एवं दीपक सिंह ‘मोंटी’ ने कहा कि जब कला और भक्ति एक मंच पर उतरती हैं तो वातावरण दिव्यता से भर उठता है। औरैला के कलाकारों ने अपनी स्वर लहरियों से मृत्युञ्जय महादेव धाम को अयोध्या जैसा आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान कर दिया। इस अवसर पर राजीव निर्मल, चांदनी यादव, पंकज विश्वकर्मा, चंचल शर्मा, राजेश पांडेय और प्रेम आसरे पांडेय को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पंडित हीरामणी उपाध्याय के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यजमान आनंद उपाध्याय एवं उनकी धर्मपत्नी जयदेवी द्वारा विधिवत पूजन से हुई। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में ललित शुक्ल, कैलाशनाथ शुक्ल और सतीश कुमार उपाध्याय शामिल रहे, जिन्होंने निर्णय को बंद लिफाफे में सुरक्षित रखा। गांव के वरिष्ठजनों प्रभाकर शुक्ल और दीपक सिंह मोटो ने मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों व समाजसेवियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर रामायण और हनुमान जी की आरती के बाद भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अरुण उपाध्याय, शरद टंडन, देवेश उपाध्याय, नरेंद्र सिंह, जयशंकर पाल, अरविंद शुक्ल, विकास, अरविंद सिंह, मुंडी गौतम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।






